ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक करें उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क...
उज्जैन। शहर के गढ़कालिका क्षेत्र स्थित भर्तृहरि गुफा मार्ग पर रविवार को...
India’s socio-cultural landscape is vast, layered, and deeply diverse. Yet within this...
अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) की बोर्ड बैठक आज वीडियो...

मध्यप्रदेश में सितंबर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश फिलहाल थमी हुई है, लेकिन हालात बिगड़े हुए हैं। नर्मदा, शिप्रा, कालीसिंध, चंबल समेत सभी छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं। इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, धार, बड़वानी जिले के कई गांव टापू बन गए हैं। झाबुआ के बहादुर पाडा गांव में रविवार को तालाब फूटने से 8 लोग बह गए। 3 के शव मिले हैं।
बंगाल की खाड़ी में एक और स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन रहा है। इसके एक्टिव होने से 24 सितंबर से प्रदेश में फिर तेज बारिश के आसार हैं।
जबलपुर में सोमवार को बरगी बांध के दो और गेट बंद कर दिए गए। बांध के तीन गेट आधा मीटर तक खुले रखकर अभी भी नर्मदा में पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को बरगी बांध के 13 गेट खोले गए थे।
आज इन जिलों के स्कूलों आंगनवाड़ियों में अवकाश घोषित
(प्री नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के लिए)
मोरटक्का पुल का डामर उखड़ा, रेलिंग बही
नर्मदा नदी में आई बाढ़ से इंदौर-खंडवा हाईवे पर मोरटक्का ब्रिज को नुकसान पहुंचा है। 900 मीटर लंबे ब्रिज पर बाढ़ का पानी 10 फीट ऊपर तक बहता रहा। शनिवार को दिन और रात में यही स्थिति बनी रही। रविवार सुबह पानी के उतरने के बाद ब्रिज जर्जर हालत में दिखाई दिया। जगह-जगह डामर बह गया। ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे और दरारें नजर आ रही हैं। रेलिंग भी बह गई। दो दिन से इंदौर-खंडवा रोड बंद है। NHAI इंदौर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांजल ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम ब्रिज के हालात की जांच करेगी। मरम्मत के बाद वाहनों का आवागमन शुरू करेंगे।

ऐसा मौसम क्यों और आगे क्या?
IMD भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से उठा स्ट्रॉन्ग सिस्टम इंदौर-उज्जैन संभाग में पिछले दो-तीन दिन से एक्टिव था। यहां अति भारी बारिश हुई। अब यह सिस्टम थोड़ा कमजोर हुआ है। रविवार को लो प्रेशर के रूप में एक्टिव रहा। राजस्थान से लगे जिलों में जरूर तेज बारिश हुई।
सोमवार से सिस्टम और कमजोर होगा और यह गुजरात की ओर चला जाएगा। इसके बाद बारिश का दौर थम जाएगा। 20-21 सितंबर को बंगाल की खाड़ी से फिर से नया सिस्टम एक्टिव होगा। यह भी स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 24 सितंबर से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
शनिवार के हालात…

एमपी के 15 जिले रेड जोन से बाहर हुए
10 सितंबर तक प्रदेश के कुल 23 जिले रेड जोन में थे। इनमें भोपाल, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, दमोह, बालाघाट, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। 6 दिन हुई तेज बारिश से 15 जिले रेड जोन से बाहर निकल आए हैं। वर्तमान में भोपाल, गुना, अशोकनगर, दमोह, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली जिले रेड जोन में शामिल हैं। भोपाल, दमोह और सिंगरौली रेड जोन से बाहर निकलने के मुहाने पर है।
MP में अब ओवरऑल 1% बारिश कम
पिछले तीन दिन दिन से प्रदेशभर में हुई अति भारी बारिश की वजह से मध्यप्रदेश सूखे की स्थिति से बाहर निकल आया। अब तक औसत 35.33 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 35.64 होनी चाहिए थी। दोनों आंकड़े में आधा फीट का अंतर भी नहीं है। प्रदेश में ओवरऑल 1% बारिश ही कम है।
इन जिलों में कम बारिश
(1 जून से 17 सितंबर तक की बारिश)
कैसे रहेंगे अगले 24 घंटे
MP के 5 बड़े शहरों में मौसम का हाल
तस्वीरों में मानसून…


