आपदा के प्रत्येक चरण में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका -प्रकाश चंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए प्रशिक्षु अधिकारी
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को दी आपदा...
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को दी आपदा...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय...
– First state-level mapping programme for...

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री से जुड़े मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। दरअसल अहमर खान ने ट्रायल कोर्ट में शिकायत की थी। अहमर ने दावा किया कि भाजपा नेता ने 2004, 2011 और 2014 में निर्वाचन आयोग को दिए गए तीन हलफनामों में शैक्षणिक योग्यता के बारे में झूठ बोला था।
अहमर खान की याचिका को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बाद में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की। हाल ही में हुई सुनवाई में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने दोनों पक्षों को नोटिस भेजा है जिसमें उनका जवाब मांगा गया है। दिल्ली सरकार का एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कोर्ट में पेश हुआ। उनका कहना था कि अहमर खान को सेशन कोर्ट जाना चाहिए था, लेकिन वह सीधे हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि खान की याचिका पर सुनवाई की जानी चाहिए क्योंकि हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट के अधिकार समान हैं।
खान का दावा है कि स्मृति ईरानी ने लोकसभा और राज्यसभा चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करते समय इलेक्शन कमीशन को दिए गए हलफनामों में गलत जानकारी दी। 2004 में, उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक से लोकसभा चुनाव लड़ने का हलफनामा दाखिल किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि मैंने 1996 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए किया है। भाजपा नेता ने 2011 में गुजरात से राज्यसभा चुनाव लड़ते वक्त दायर हलफनामे में कहा कि 1994 में डीयू से बीकाम, स्कूल ऑफ कोरेस्पोंडेंस से उनकी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता थी।