रिलायंस फाउंडेशन के प्रयासों से 3 हजार गांवों में बदला जीवन, ओआरएफ के साथ संयुक्त अध्ययन में दस वर्षों में आजीविका और ग्रामीण जीवन में सुधार का दावा
नई दिल्ली, 11 मई 2026: रिलायंस फाउंडेशन और...
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि...

ऑनलाइन टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ते हुए ऑनलाइन फ्रॉड भी काफी बढ़ चुके हैं। देश में कई लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होते आ रहे हैं। . साइबर क्रिमिनल्स नए-नए तरीकों का इस्तेमाल करके ऑनलाइन या ऐप ( Google Enhanced Fraud Protection ) के माध्यम से लोगों को ठगने का काम करते हैं. गूगल ने लोगों के साथ होने वाले फ्रॉड से उन्हें बचाने के लिए एक नया प्लान बनाया है। आज हम आपसे इसी प्लान की जानकारी विस्तार से देने आए हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने से और लोगों को उससे बचाने के लिए गूगल ने एक रास्ता निकाला है। Google की ओर से एन्हांस्ड फ्रॉड प्रोटेक्शन का ऐलान किया गया है। गूगल के इस ऐलान के कारण लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने में काफी सहायता मिलने वाली है। इस सुविधा को कंपनी सिंगापुर की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CSA) के साथ साझेदारी में सिंगापुर में यह सुविधा शुरू कर रहा है। ऐसे में अब सवाल यह सामने आता है कि आखिर यह फीचर काम कैसे करता है?
गूगल का यह नया फ्रॉड प्रोटेक्शन फीचर रियल टाइम में ऐप द्वारा घोषित की गई परमिशन्स का जांच करेगी, जिनमें वो विशेष रूप से चार रिक्वेस्ट रीड, एक्सेसिबिलिटी, एसएमएस, रीड एसएमएस, ब्लाइंड नोटिफीकेशन की जांच करने में मदद करने वाला है। गूगल के अनुसार, साइडलोडिंग सोर्स के जरिए ऐप्स को डाउनलोड करने वाले यूजर्स से फ्रॉड मालवेयर वाले 95% से ज्यादा धोखेबाज इन्हीं परमिशन्स का अनुरोध करते हैं।