प्रधानमंत्री मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 138 वें संस्करण का प्रसारण, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में जनप्रतिनिधियों के साथ सुनी मन की बात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार...
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच सीएम...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार...

रामनवमी के शुभ अवसर पर रामलला का 500 सालों बाद पहली बार राम मंदिर में जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर रामलला का सूर्य अभिषेक किया गया। सूर्य तिलक का शुभ मुहर्त दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर था। सूर्य की किरणें रामलला के चेहरे पर पड़ते ही सारी अयोध्या नगरी मंत्रमुग्ध हो गई।
बता दें कि करीब 75 मिमी का टीका प्रभु राम के चेहरे पर बना दिखाई दिया। इस दृश्य को दुनिया भक्ति और विज्ञान के अद्भुत संगम को भक्तिभाव से निहारती रही। ज्यादा खास ये इसलिए भी रहा क्योंकि यह धर्म और विज्ञान का एक चमत्कारिक मेल था।
बता दें कि इस सूर्य तिलक के लिए वैज्ञानिक कई महीनों से तैयारी कर रहे थे। इसके लिए कई ट्रायल भी किए गए। आज दोपहर में जैसे ही घड़ी में 12 बजकर 01 मिनट हुए सूर्य की किरणें सीधा राम के चेहरे पर पहुंच गईं। 12 बजकर एक मिनट से 12 बजकर 6 मिनट तक सूर्य अभिषेक होता रहा।