हरियाणा : टेली-मानस हेल्पलाइन हजारों लोगों के लिए बनी जीवनरेखा, 16,000 से अधिक नागरिकों ने मांगी मानसिक स्वास्थ्य सहायता
चंडीगढ़, 12 मई – प्रदेश सरकार की टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन भावनात्मक...
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज गुवाहाटी (असम) में स्थित प्रसिद्ध श्री...
चंडीगढ़, 12 मई – हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (एचईपीबी) की 19वीं बैठक...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा...

ईवीएम से मतदान के बाद निकलने वाली हर वीवीपैट स्लिप का मिलान करने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने यह अहम फैसला सुनाया है। इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे तमाम सवाल खत्म हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम से ही वोटिंग जारी रहने का फैसला दिया है, लेकिन यह भी कहा कि चुुनाव में दूसरे या तीसरे नंबर पर रहने वाला कोई कैंडिडेट 5 फीसदी ईवीएम की जांच करा सकता है। इसकी जांच में आने वाला खर्च शिकायत करने वाले उम्मीदवार को ही उठाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मतदान के बाद कम से कम 45 दिनों तक वीवीपैट स्लिप को सुरक्षित रखना होगा। इस दौरान यदि कोई उम्मीदवार परिणाम पर सवाल उठाता है तो जांच की जाएगी। इससे किसी तरह के विवाद की स्थिति में ईवीएम में पड़े वोटों की जांच कर सकेंगे।
कोर्ट ने कहा कि ईवीएम में सभी सिंबल लोडिंग को सील किया जाए। यह काम उम्मीदवारों की मौजूदगी में होना चाहिए। अदालत ने बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग को भी सिरे से खारिज किया है।