आपदा के प्रत्येक चरण में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका -प्रकाश चंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए प्रशिक्षु अधिकारी
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को दी आपदा...
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय...
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उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता सेठ पूनमचंद यादव का मंगलवार को निधन हो गया। वे 100 वर्ष के थे और कुछ समय से अस्वस्थ होने से उज्जैन अस्पताल में उपचाररत थे। उनके निधन की खबर मिलने पर राजनैतिक, प्रशासनिक और आमजन में शोक व्याप्त है। दिवंगत श्री पूनमचंद यादव ने शुरूआती जीवन में संघर्ष के साथ आगे बढ़ते हुए अपने परिवार का बेहतर लालन-पालन किया।
उनके परिवार में तीन पुत्र नंदू यादव, नारायण यादव और डॉ. मोहन यादव के साथ दो पुत्रियां कलावती यादव एवं शांति देवी हैं। स्व. यादव जीवट इंसान रहे और अंतिम समय तक 100 वर्ष की आयु होने पर भी उन्होंने अपना कार्य स्वयं किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंगलवार को मंत्रालय में केबिनेट एवं अन्य विभागीय बैठकों के दौरान जैसे ही उनके पिताजी के निधन की खबर मिली, वे तत्काल उज्जैन के लिये रवाना हो गये।
अंतिम यात्रा 4 सितम्बर को प्रातः 11.30 बजे निकलेगी
स्व. पूनमचंद यादव की अंतिम यात्रा 4 सितम्बर को प्रातः 11.30 बजे उनके निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से प्रारंभ होगी। उनका अंतिम संस्कार क्षिप्रा तट पर भूखीमाता मंदिर के पास होगा।