एकादशी पर मोर पंख और वैष्णव तिलक लगाकर सजे बाबा महाकाल, फिर की गई भस्म आरती - Samacharline.com

“सेवा के 25 साल” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान -डॉ. मोहन यादव

यशस्वी श्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात...

UPI पर मर्चेंट फीस के विरोध में 18 सितंबर से दुकानों पर लगेंगे पोस्टर

इंदौर। UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट...

From Financial Inclusion to Financial Empowerment: Why India Needs ‘Arth Shala’ -CA Harsh Mantri

In a small town in Madhya...

उज्जैनदेशमध्य प्रदेशहोम

एकादशी पर मोर पंख और वैष्णव तिलक लगाकर सजे बाबा महाकाल, फिर की गई भस्म आरती

mahakal

सार

विस्तार

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती के दौरान मंगलवार को बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल को वैष्णव तिलक और मोरपंख से सजाया गया। जिसने भी इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, वह देखता रह गया। इससे पहले भक्तों को दर्शन देने के लिए बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे, जिसके बाद भस्म आरती धूमधाम से संपन्न हुई।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मंगलवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान कराया गया। इसके साथ ही पंचामृत अभिषेक और केसर युक्त जल अर्पित किया गया।
भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया, उन्हें वैष्णव तिलक और मोरपंख से सजाया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
श्रद्धालुओं ने लिया दर्शन का लाभ

श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और गणेश मंडपम से बाबा महाकाल की दिव्य भस्मारती के दर्शन किए और भस्मारती की व्यवस्था का लाभ उठाया। इस दौरान बाबा महाकाल के निराकार से साकार होने के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते हुए श्रद्धालु “जय श्री महाकाल” के जयघोष में डूबे नजर आए।