भस्म आरती में ड्रायफ्रूट, भांग से सजे बाबा महाकाल, नंदी हॉल से दर्शन के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत - Samacharline.com

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भस्म आरती में ड्रायफ्रूट, भांग से सजे बाबा महाकाल, नंदी हॉल से दर्शन के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत

सार

विस्तार

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का भांग, ड्रायफ्रूट और पूजन सामग्री से आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल के मस्तक पर सूर्य का प्रतीक बनाकर भव्य सजावट की गई। इससे पहले भक्तों को दर्शन देने के लिए  बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। इसके बाद भस्म आरती की गई।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर भगवान महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद भगवान को गर्म जल से स्नान कराया गया। पंचामृत अभिषेक और केसर युक्त जल अर्पण के साथ पूजा-अर्चना की गई।
भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का भांग और ड्रायफ्रूट से अद्भुत श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो गए। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और गणेश मंडपम से बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती के दर्शन किए। इस दौरान बाबा महाकाल के साकार रूप के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने “जय श्री महाकाल” के जयघोष किए।
दर्शन के लिए आरएफआईडी बैंड की व्यवस्था
महाकाल मंदिर के नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन के लिए अब आरएफआईडी बैंड का उपयोग किया जाएगा। भस्म आरती में इस तकनीक के सफल प्रयोग के बाद मंदिर समिति ने इसे दर्शन व्यवस्था में शामिल करने का निर्णय लिया है।
मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में अब नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी रेडियो फ्रिकवेंसी बैंड से प्रवेश मिलेगा। मंदिर समिति ने प्रयोग सफल होने के बाद दर्शन व्यवस्था में नई तकनीक के उपयोग का निर्णय लिया है। जल्द ही इसे लागू किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भस्म आरती में आरएफआईडी बैंड का प्रयोग सफल रहा है। अब नंदी हाल और गर्भगृह की दहलीज से दर्शन के लिए इसे लागू किया जाएगा। भस्म आरती में लागू रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडी व्यवस्था में दर्शनार्थियों को सफेद कलर के बैंड बांधे जा रहे हैं। अब नंदी हाल व गर्भगृह के गलियारे के लिए अलग-अलग कलर के बैंड बनाए जाएंगे। यह दोनों बैंड पीले और गुलाबी कलर के रहेंगे। इसके लिए प्रवेश के गेट भी अलग होंगे। व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए विशेष कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके लिए अतिरिक्त कैमरे भी लगाए जा सकते हैं।