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काठमाडौं नेपाल, ३० मई। राजतन्त्रात्म लाेकतन्त्र ,हिन्दुअधिराज्य अैार एकात्मक शासन प्रणालिका पक्षधर विशाल जनसमुदाय से २९ मई से लगातार आन्दोलन घाेषणा कियागया है। जबतक माग पूरा नहिँ हाेगा तबतक आन्दोलन जारी करनेका एैलान आन्दोलनकारी ने किया है । जनताका अपार सहभागीता ईस आन्दोलनका मक्सद नेपाल आदिकाल से हिन्दुराज्य था आगामी दिन में भि हिन्दुराज्य रहेगा । ९३% ॐकार समुदायका अत्यधिक बहुमत हाेनेका बाबजुद पश्चिमा क्रिष्चियन अैार मुश्लिम् देशका अनर्गल सहायता लेकर कुछ दल अैार नेताअेां ने रुपैयाँ पदका लालचमें परकर ऐसा संविधान बनाया । फिर भि जनताका धारणा अलग है । इसलिय हिन्दुराज्यका संक्षकका रुपमें राजशाहिकाे भि बडासा माग हाे रहा है । नेपाल में एक ऐसा परंपरा है हिन्दु अेैार बाैद्ध समुदाय में राजाका स्थान बहुत उँचा है । बाैद्ध अैार हिन्दु संप्रदायका संरक्षका रुपमें राजा ससंमान लियाजाता है । जबतक राजा है तबतक हिन्दुराज्य रहेगा । इसि वजह से राजसंस्था अैार हिन्दुराज्य एक सिक्काेंका दाे भाग जैसा हाेता है । नेपालके पडाेसि राष्ट्र भारत एक पडाेसि में सिमित नहिँ है । नेपाल अैार भारत हर तरह से नजदिक है । भाषा, भेसभुसा, संस्कृति , परम्परा , चाल चलन , धर्म संस्कार सब चिज एकि है जब नेपालमें शंकट आएगा साथमें भारत साथमें खडा रहेगा । अगर भारतका शंकट में भि नेपाल साथ में रहनेका परंरागत बहुत पुराना है । भारतिय सेनाका प्रधान सेनापति नेपालका मानार्थ प्रधानसेनापति हाेगा अैार नेपालका प्रधानसेनापति भारतका मानार्थ प्रधान सेनापति हाेनेका प्रचलन बहुत लंबा समय से हाे रहा है । भारत में ब्रिटिसकाल से आजतक गाेर्खा रेजिमेन्टका नाम में भारतीय सेनाका बहुत बडा हिस्सा अभितक है । जबतक नेपालका हिन्दु ,बाैद्ध अैार राजसंस्था रहेगा तबतक भारतीय हिन्दुअेांका शिर उँचा रहेगा । इसि कारण विनाशर्त भारत जैसा पडाेसि मुल्कका सहयाेग नेपाल के लिय अपरिहार्य है । साम, दान , दण्ड ,भेद चाराें नितियाेंका साथ हिन्दुराज्य अैार राजसंस्थाका पक्षमें भारतका अडान हाेने से आप से आप पडेसिका फर्ज पूरा हाेगा। जय हिन्दुअधिराज्य नेपाल।
-डा. राजेन्द्रप्रसाद पाठक, काठमाडौं नेपाल।