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New Delhi, May 2026 — Raising serious concerns...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अरेरा कॉलोनी श्रेत्र में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में स्व. श्री मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई। ज्ञात हो कि स्व. श्री मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था।
माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रहित में किए गए योगदानों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक स्व श्री मुखर्जी सच्चे राष्ट्रभक्त थे। वे प्रबल राष्ट्रवाद के प्रखर प्रणेता और सदैव राष्ट्रहित चिंतन में जीने वाले मुखर विचारक थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिज्ञ नहीं, बल्कि एक दूरदृष्टि वाले राष्ट्रनायक थे। उनका जीवन राष्ट्र प्रेम, आत्मबलिदान और सेवा भावना की प्रेरणा देता है। उन्होंने भारतीय जनमानस की आवाज को बड़ी मुखरता से तत्कालीन सरकार के सामने रखा। स्व. डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर राष्ट्रीय एकता की आधारशिला को शिद्दत से मजबूत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. डॉ. मुखर्जी देश की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के पक्षधर थे। उन्होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए नई दिशा, नये विचार दिये। उनके विचारों और मूल्यों को आत्मसात करने की जरूरत है। भारत राष्ट्र को और अधिक शक्तिशाली, समरस एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज श्री मुखर्जी के विचार और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्र सदैव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ऋणी रहेगा। कार्यक्रम को सांसद भोपाल आलोक शर्मा ने भी संबोधित कर अपनी बात रखी।