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विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला बजट -हरीश श्रीवास्तव

भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर भारत बनाने के उद्देश्य को साकार करने के दिशा में हमारे आत्मविश्वास को मजबूती देने वाला है। बजट प्रविधान केंद्र सरकार की विकसित भारत की संकल्पना का स्पष्ट दिशाबोध कराता है। आम तौर पर सरकारो द्वारा लोकलुभावन बजट प्रस्तुत करने के बजाय प्रस्तुत बजट वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए सुदृढ़ और स्थिर अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

बजट युवा भारत की युवा ऊर्जा को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने महिला सशक्तिकरण और आम नागरिकों के जीवन को सहूलियतें प्रदान करने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को वैश्विक चुनौतियों के सापेक्ष बनाने की दिशा में उत्साहजनक कदम उठाए गए हैं । बजट टैरिफ वार की वर्तमान दुनिया में उद्योग और व्यापार जगत के लिए निर्बाध गति देना सुनिश्चित किया गया है प्रोडक्शन सेक्टर को मजबूती मिल सके और भारत का निर्यात वैश्विक बाज़ार में सम्मानजनक स्थान हासिल कर सके ताकि देश की युवा ऊर्जा को रोजगार के अवसर प्राप्त हो भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

54 लाख करोड़ से अधिक का यह बजट देश के विकास को निरंतरता प्रदान करने वाला है। बजट में जंहा एक तरफ़ इंफ्रास्ट्रचर विकास और मैनुफैक्चरिंग सेक्टर पर ख़ास ध्यान केंद्रित किया गया है जिससे हमारा आयात कम हो और निर्यात बढ़े वही सेमिक्संडक्टर और शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया गया है । डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को 6 माह तक टैक्स में छूट तथा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण करने वाली कंपनियों को वर्ष 2047 तक टैक्स में छूट का प्रावधान इस दिशा में एक बड़ा फ़ैसला है जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण और डेटा सेंटर स्थापित करने की दिशा निवेश को भारी प्रोत्साहन दिया गया है और इस सेक्टर के लिए सरकार ने 40 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया है। इसी तरह बायोफार्मा सेक्टर में 10 हज़ार करोड़ निवेश का प्रविधान किया गया है जो संक्रामक बीमारियों की शक्ल ले रही आटोइम्यून, कैंसर , शुगर जैसी बीमारियों के उपचार हेतु घरेलू उत्पादन से सस्ती औषधि उपलब्ध कराने के लक्ष्यगत प्रयास सरकार ने किया है।

लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दस हज़ार करोड़ के ग्रोथ फण्ड की व्यवस्था की सरकार ने की है जिससे घरेलू उद्यम को प्रोत्साहन मिलेगा लोगो के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे समाज में समृद्धि और ख़ुशहाली बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री मोदी जी भारत में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रेरित करते रहे हैं ताकि टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा मिले जो देश की आर्थिक विकास को मजबूत बनाने में अहम साबित होगा क्योंकि टूरिज्म क्षेत्र की मजबूती से होटल रेस्टोरेंट ट्रैवल तथा शिल्प उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा इस दिशा मे सरकार ने जो बजटीय प्रावधान किया है वह सराहनीय कदम कहा जाएगा ।

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखें या निरंतर पड़ोसी देशों द्वारा प्रायोजित छद्म युद्ध देश के रक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा मोदी सरकार द्वारा बजट में किए गए प्रावधान और 15% की बढ़ोतरी किया जाना अत्यंत सराहनीय कार्य है जिसकी जितनी सराहना की जाए कम है यद्यपि यदि वर्तमान दुनिया को देखा जाए तो मनमोहन सरकार में देश का रक्षा क्षेत्र उपेक्षित हुआ उससे रक्षा क्षेत्र की मजबूती प्रभावित हुई और रक्षा टेक्नोलॉजी विकास की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई जिसको मोदी सरकार ने गंभीरता से लिया और रक्षा टेक्नोलॉजी को उन्नत करने की दिशा में तेजी के साथ कार्य कर रही है ताकि टेक्नोलॉजी वॉर की की चुनौतियों की दुनिया में भारत एक सक्षम राष्ट्र के रूप में विकसित हो आज भारत ब्रह्मोस मिसाइल जैसे अनेक रक्षा उत्पाद दुनिया के अन्य देशों को निर्यात करते हैं । सरकार ने प्राइवेट सेक्टर कंपनियों रक्षा उत्पादन। क्षेत्र में अनुमति प्रदान कर इस दिशा में मजबूत कदम उठाया है जिससे देश में रक्षा सामग्री उत्पादन को बढ़ावा मिला रक्षा उत्पादन का हमारा निर्यात बढ़ा और रक्षा सामग्री के आयात में कमी आई है और रक्षा अनुसंधान को भी प्रोत्साहन मिला।

सात हाई स्पीड रेल कारीडोर और 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू किए जाने के सरकार के बजटीय प्रावधान जंहा एक तरफ़ यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा सराहनीय कार्य है वहीं पर्यटन उद्योग को मजबूती प्रदान करने वाला है इसी तरह जल परिवहन किफायती और पर्यावरण अनुकूल बिकल्प जनताजनार्दन को उपलब्ध कराएगा।

यदि हम उत्तर प्रदेश की जनता जनार्दन को बजट में शामिल सुविधा सहूलियत और सौगात देखे तो टियर टू और थ्री श्रेणी के शहरों के लिए सी ई आर योजना प्रारंभ होने से महानगरों निर्भरता कम होगी और कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी को इसका लाभ मिलेगा इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को दो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली वाराणसी तथा वाराणसी सिलीगुड़ी कारिडोर इन दोनों के पूरा होने से दिल्ली से वाराणसी और पूर्वोत्तर भारत की यात्रा तीव्रगामी,सुगम ,सुबिधाजनक और सुरक्षित हो जाएगी । राष्ट्रीय जल मार्ग एक गंगा के तहत वाराणसी में इनलैंड वाटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किए जाने का प्रस्ताव बजट में किया गया है जो भारत की आध्यात्मिक केंद्र काशी में आध्यात्म विद्या की अभीप्सा रखने वाले लोगों को आकर्षित करेगा बल्कि जल मार्ग से पर्यटन को बढ़ावा देगा जिससे पर्यावरण जागरूकता बढ़ेगी और नदियों के किनारे की बसावटो में विकास की गति को प्रोत्साहित करेगा। बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए उत्तरप्रदेश को 12 लाख करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है जो राज्य में विकास की गति को तेज करेगा। सारनाथ व हस्तिनापुर को सांस्कृतिक गंतब्य के रूप में विकसित करने की योजना के लिए भी बजट में प्रावधान किया जाना सांस्कृतिक विरासत और स्प्रिचुअल टूरिज्म को प्रोत्साहित करेगा।

लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन के लिए बजट में किये गए ग्रोथ फण्ड के प्रविधान का लाभ बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर को प्राप्त होगा। केंद्र सरकार के जिला अस्पतालों में 41 ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाने बजटीय प्रावधान त्वरित चिकित्सा सुविधा को मजबूती प्रदान करेगा। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट जन सामान्य की सुविधा सहूलियत बढ़ाने वाला रोजगार खेती किसानी को बढ़ावा देने वाला किसानो की समृद्धि को साकार करने वाला भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त विकसित भारत बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर करने वाला है।

हरीश श्रीवास्तव
(प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी उत्तरप्रदेश)