उज्जैन। सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के पंडित जवाहर लाल नेहरु प्रबंध संस्थान के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो.नागेश्वर राव के राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (एनएएसी) के अध्यक्ष बनने पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य अर्पण भारद्वाज पूर्व कुलगुरु आचार्य बालकृष्ण शर्मा, मध्य प्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान के अध्यक्ष आचार्य गोपाल शर्मा, हिंदी अध्ययनशाला के पूर्व विभागाध्य आचार्य हरिमोहन बुधौलिया, पूर्व कुलसचिव डॉ बीएल बुनकर एवं सार्वभौम मानव विकास संस्थान के अध्यक्ष एवं डॉ. अंबेडकर पीठ विक्रम विश्वविद्यालके पूर्व आचार्य शैलेंद्र पाराशर ने उनका पुष्प मालाओं, शाल एवं उत्तरीय उड़ाकर आत्मीय एवं भावभीना स्वागत किया। आपके नेक के अध्यक्ष बनने पर मित्रों एवं आत्मीय जनों में हर्ष व्याप्त है।
इसके पूर्व प्रोफेसर नागेश्वर राव ने कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNO) नई दिल्ली (26 जुलाई, 2018 से 25 जुलाई, 2024 तक) कार्यरत रहते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक इसके पूर्व उन्होंने IGNOU, नई दिल्ली में कुलपति (प्रभारी) और प्रो-कुलपति के रूप में भी कार्य किया।
23 मई, 2022 से, प्रोफेसर राव के पास 26 जुलाई, 2024 तक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी, शिमला में निदेशक का अतिरिक्त प्रभारी भी रहे हैं। आपने सितंबर 2021 से जुलाई 2023 तक केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली में निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।
प्रोफेसर राव ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अपना D.Phil और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंट्स ऑफ इंडिया, कोलकाता से अपना ICWA प्राप्त किया। वे आठ पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें ‘भारत में सार्वजनिक उद्यमों का प्रशासन’ और ‘संचार कौशल’ जैसी उल्लेखनीय कृतियाँ शामिल हैं।
प्रोफेसर राव सर्व प्रथम उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद में कुलपति के पद पर आसीन हुए तदुपरांत वे मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के कुलपति पद पर रहे साथ ही उसी दौर में कुमाऊ विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार रहा।
अक्टूबर 1990 में शुरुआत करते हुए, उन्होंने पं. जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट; प्रबंध संस्थान के निदेशक के रूप में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में कार्य किया, जहाँ उन्होंने 13 वर्षों से अधिक समय तक संस्थान निदेशक के प्रभार का दायित्व भी निभाया।
उनके कार्यकाल में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रबंध संस्थान को इंडस्ट्रियल टाइम्स द्वारा मध्यप्रदेश का सर्वश्रेष्ठ प्रबंध संस्थान घोषित किया गया था, अपने इस कार्यकाल में वे विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में व्यवसाय प्रबंध संकायाध्यक्ष के रूप में पाँच वर्ष एवं सूचना प्रौद्योगिकी संकाय के डीन के रूप के प्रभारी के रूप में एक वर्ष तक कार्यभार संभाला।
सितंबर 2019 में, प्रोफेसर राव को कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग, कनाडा में ‘फेलो’ के रूप में सम्मानित किया गया। उन्हें 2019 में के.के. हैंडिक मुक्त विश्वविद्यालय, गुवाहाटी और 2024 में मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय द्वारा मानद D.Litt. से भी सम्मानित किया गया।
उन्होंने 1998 में इंडियन अकाउंटिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष का पद प्रभार भी संभाला । आपको उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2010 में ‘सरस्वती सम्मान’ से सम्मानित किया गया। म 30 जुलाई, 2018 को, उन्हें भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ, नई दिल्ली द्वारा नेहरू साक्षरता पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे भारत के माननीय उपराष्ट्रपति ने प्रदान कर सम्मानित किया।

