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जगदलपुर। लगता है कि राज्य शहरी विकास प्राधिकरण सूडा के अफसरों के लिए सरकारी नियम कायदे और आदेश कोई मायने नहीं रखते। यही वजह है कि वे अपनी मनमर्जी चलाते रहते हैं।राजयपाल के आदेश भी इन अफसरों के लिए बेमानी हो गए हैं। विभाग के सीईओ और एक सहायक अभियंता की ऎसी ही नफरमानी का बड़ा मामला सामने आया है। सहायक अभियंता को रायपुर से जगदलपुर स्थानांतरित किया गया है, लेकिन उन्होंने आज तक जगदलपुर में ज्वाइनिंग नहीं ली है। कहा जा रहा है कि सीईओ उन्हें रिलीव करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। चर्चाओं के मुताबिक ये सहायक अभियंता करोड़ों रुपयों की गड़बड़ी के आरोपों से घिरे हुए हैं। उन्हें रिलीव न करने की पीछे की एक वजह इसी गड़बड़ी को भी माना जा रहा है।
राज्य शहरी विकास प्राधिकरण को उप सचिव द्वारा 9 मई 2026 को राज्यपाल के नाम से एक आदेश जारी कर सूडा के आठ अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था। ट्रांसफर लिस्ट में सहायक अभियंता गगन वासन का भी नाम शामिल है। वासन को रायपुर से जगदलपुर स्थानांतरित किया गया है, लेकिन आज दिनांक वासन ने जगदलपुर में ज्वाइनिंग नहीं ली है। बताया गया है कि सूडा के सीईओ द्वारा गगन वासन को जगदलपुर के लिए रिलीव नही किया जा रहा है। इससे प्रतीत होता है कि वासन की पहुंच और सेटिंग कितनी तगड़ी है। एक चर्चा यह भी है कि करोड़ों रुपए की अफरा तफरी के मामले में उक्त अधिकारी का नाम सामने आया है। शायद अपने कारनामे करने के लिए ही वे रायपुर में डटे रहना चाहते हैं और बस्तर आने से बच रहे हैं। सुशासन सरकार में बड़े प्रशासनिक अधिकारी से सांठगांठ कर वे अपना तबादला रुकवाने के प्रयास में लगे हैं।