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स्वास्थ्य अवसंरचना सर्वोच्च मानकों की होनी चाहिए, गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 26 मई : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्यभर में चल रही 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रत्येक परियोजना का कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र की तीन बड़ी परियोजनाओं पर विशेष चर्चा हुई।

फरीदाबाद सिविल अस्पताल में बनने वाले ‘मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ एवं सर्विस ब्लॉक के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका कार्य 28 प्रतिशत पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना 18 जनवरी 2028 तक पूर्ण हो जाएगी।

इसके साथ ही, सोनीपत सिविल अस्पताल परिसर में 138.12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 100 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इसका 20 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना 19 अक्टूबर 2027 तक पूर्ण कर ली जाएगी।

वहीं, असंध, करनाल में 76.19 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण कार्य के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी कि इसका 25 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

विकासात्मक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने पर जोर

विकासात्मक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने के लिए सरकार द्वारा प्रशासनिक निगरानी को और कड़ा किया गया है। फरीदाबाद के सेक्टर-78 में 378.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका 50 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना फरवरी 2027 तक पूर्ण होने का अनुमान है।

शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र के तहत करनाल में 422.54 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (MHU) परिसर के निर्माण कार्य के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इसका कार्य 43 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

 पानीपत शुगर मिल में इथेनॉल प्लांट स्थापना को मंजूरी

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता विभाग के तहत पानीपत शुगर मिल्स में 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 90 KLPD क्षमता का नया मल्टी-फीड इथेनॉल प्लांट स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है। इसकी निविदा प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए मामला हाई-पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) के समक्ष भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना वर्ष 2027-28 के दौरान पूर्ण हो जाएगी।

अग्निशमन सेवा के आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि अग्निशमन सेवा को आधुनिक बनाने के लिए जींद के खेड़ी मसानिया में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फायर ट्रेनिंग सेंटर के लिए भूमि की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है तथा ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि PWD (B&R) को हस्तांतरित कर दी गई है।

इसके साथ ही, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 120 करोड़ रुपये की लागत से 104 मीटर ऊंचे एरियल लैडर प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए मंजूरी उपरांत संशोधित RFP सरकार को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी परियोजनाओं में निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा का पालन अनिवार्य है तथा किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) की समीक्षा

युवा सशक्तिकरण एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) की भी समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को उद्योगों एवं संस्थानों से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर जॉब फेयर की संख्या बढ़ाई जाए तथा उन्हें नियमित एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं रोजगार विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक माह रोजगार सृजन की दिशा में ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए तथा युवाओं को अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं को प्रभावी बनाया जाए।