आइए, निवेश की अपार संभावनाओं का लाभ उठाइए। मध्यप्रदेश आप सभी को आगामी GIS के लिए सादर आमंत्रित करता है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - Samacharline.com
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आइए, निवेश की अपार संभावनाओं का लाभ उठाइए। मध्यप्रदेश आप सभी को आगामी GIS के लिए सादर आमंत्रित करता है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

PANDIT MUSTAFA ARIF

ये तो आता है की निवेश की निवेशों के साथ दूर दृष्टि से समझ वाला अगर कोई है ये हमारा महाराष्ट्र और महाराष्ट्र का मुंबई नगर महानगर और भविष्य के वो प्रदेश का हो जाता ये मैं पक्का बोल सकता हूं उसमें कोई चिंता नहीं। सभी प्रकार की अनुकूलताओं को लेकर के जितने प्रकार के हमारे अलग-अलग निदेशक यहां मौजूद है। सच में आप सबके लिए बड़ी संभावना था। आप अपने-अपने अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे। लेकिन आज हमारे मंच को भी जो हमने सजाया, उस मंच पे उन सबको भी स्थान दिया जिन्होंने अपने स्थान से आ के मध्य प्रदेश से जब संबंध बनाया तो ऐसा लग रहा है कि जैसे अतुल जैन जी तो मध्य प्रदेश के हो गए ऐसा लगता है। और हमारे चिंतन ठाकर जी ग्रुप से, हमारे संत फार्मा से दिलीप जी, सभी लोगों ने एक तरह से एक के बाद एक और 200 किलोमीटर की डिस्टेंस भी नहीं, 200 से कम की डिस्टेंस, सभी प्रकार की अनुकूलता के। लेकिन मुझे इस बात की प्रसन्नता है, हमारे लिए आज का समय और ज्यादा महत्व का है।

यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जोरदार अभिनंदन करें, जिनके कारण से दुनिया के सामने देश एक अलग ताकत बन के निकल के आया है। और यह तो बात सही है कि 12-12 साल का कोई समय ज्यादा नहीं होता है। थोड़ा सा ही समय होता है। लेकिन इस थोड़े से समय में दोनों पारियों ने खेली। 12 साल का समय गुजरात से उन्होंने एज ए सीएम जो अपना काम प्रारंभ किया और गुजरात की कई सारी हस्तियां बैठी। पुराने समय में गुजरात का हिस्सा था। बाद में अलग हुआ। लेकिन कोई बात नहीं, गुजरात और महाराष्ट्र को प्रदेश हो, सब एक ही है। ऐसे में जब मैं गुजरात से माननीय सीएम साहब का दृष्टिकोण देखता हूं, उन्होंने राज्य की बेहतरी के लिए सभी कामों को हाथ में लेते थे। ना केवल गुजरात को समृद्ध किया, बल्कि वैश्विक दृष्टि से और अपनी सांस्कृतिक दृष्टि से उन्होंने गुजरात के साथ भारत की आंतरिक राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की दृष्टिकोण से भी परिचय है।

जब मुझे इस बात में प्राकृतिक संसाधनों के बलबूते पर नदी नर्मदा हमारे यहां से निकलती है और 90%, 80% जल राशि हमारे साथ होती है। लेकिन वर्षों तक हम योजना बनी रही, लेकिन उसका उपयोग नहीं कर पाए। माननीय मोदी जी मुख्यमंत्री बने। सरदार सरोवर के भरोसे से उन्होंने ना केवल जल का उपयोग गुजरात की समृद्धि के लिए किया, बल्कि मध्य प्रदेश के लिए भी हाथ बढ़ाया। मैं उनका अभिनंदन करता हूं और आवश्यकता राजस्थान को भी जल दिया। वही एक राज्य का मुख्यमंत्री पड़ोस के राज्य के लिए इतनी उदारता रखे। इसी बात की तो आवश्यकता है। देश जब आजाद हो गया और आजाद देश के अंदर सकारात्मक दृष्टिकोण के बल मुद्दे पर दुनिया के अंदर भारत की पहचान उसी स्तर में बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए एक ऐसा परमात्मा के लिहाज से आज हमारे बीच ऐसे वैश्विक स्तर के नेता आए, जिनके कारण से हम सब आज तो व्यापारी और व्यापार से जुड़े हुए सारे स्वयम् धन्य अलग-अलग हस्तियां हम सब देख रहे हैं।

बदलते दौर में बड़े-बड़े राजनीतिक ध्रुव वाले देश जो निवेश और निवेशकों के लिए अलग-अलग प्रकार के मुकाम पर बैठ के ऐसा लगता था कि सब कुछ वही करेंगे। लेकिन ऐसे समय में कहां भारत का नंबर 2013 से पहले कहां था? और आज भारत पांचवी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बना है। ये हमारे सबके सामने है। बदलते लोगों ने एक-दो देश के पीछे केवल निर्भरता जो होती थी, उस निर्भरता को भी बनता है। और आज बदलते दौर में हमने सबने देखा कि आज जिस प्रकार से माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी ने जन सेवा के साथ देश को स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया, निवेशकों के साथ पासपोर्ट की इज्जत भी बढ़ाने का काम अगर हुआ है तो माननीय प्रधानमंत्री जी के माध्यम से हुआ है।

हमें इस बात का गर्व है। हमारे भारतीय लोगों में प्रतिभा की कमी नहीं थी। क्षमता, योग्यता, बुद्धिमत्ता से तो वो हजारों साल से भारत और भारत के लोग अपनी साधार बनाते आए। लेकिन शासन की अनुकूलताओं के अभाव में जो समय गया, लेकिन बीती तारीख हिसाब से आगे की सुध में गया समय तो गया, लेकिन एक दशक में कितना बदलाव आता है वो हमने समय देखा। जीएसटी से लगा के व्यापार-व्यवसाय की सारी व्यवस्था, एक तरफ जी20 के अंदर पहली बार प्रस्ताव हुआ। हम अपना टारगेट ले चले। 20 बड़े-बड़े देशों से बना हुआ जी20 का ग्रुप, उस ग्रुप में हमें गर्व है एकमात्र देश जिसने टारगेट जो दिया और पूरा किया वो भारत था। आप और हम सबके सामने आज वो दुनिया के सामने मिसाल बन के खड़ा। वैश्विक प्रदेश में तो आप सब देख ही रहे हैं। लेकिन आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, भारत अब तीसरी आर्थिक ताकत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद पहली बार 15 से लेके 25 तक का दशक खेती-किसानी के क्षेत्र में एक तरह से क्रांतिकारी रूप से सामने आया। मैं आज खेती की तरफ से बढ़ते हुए बाजार की तरफ अगर देखता हूं तो सच में आज भारत दुनिया के बाजार की तरह नहीं है। भारत की निर्माण की शक्ति, नवाचार की शक्ति, प्रतिभा की शक्ति और नेतृत्व शक्ति भी दुनिया के सामने आदर्श रूप में दिखाई दे रही है।

अब तो सवाल ऐसा भी हो गया। कहां 8-10 साल पहले का भारत के अपने मोबाइल की दुनिया में निर्भर रहता था कि कौन देगा और कौन सप्लाई करेगा। आज अपने सारे मोबाइल अपने देश में बनना, हमें इस बात की स्वतंत्रता है। ये आज का समय का जहां सेमीकंडक्टर, टीवी, एडवांस बैटरी, टेलीकॉम, सोलर, ड्रोन, न्यू इंडिया की य बन चुके है। इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी सबसे बड़ी ताकत बना है। और कल ही प्रधानमंत्री ने “वी विल डू इट” का जो एक तरह से स्लोगन दिया है कि दुनिया के अंदर हम सब कुछ कर सकते हैं। जोरदार अभिनंदन करें माननीय प्रधानमंत्री जी का, जिस और मन उत्साह के साथ और देशवासियों को आकर्षित करना है। लोकतंत्र की यही तो खूबसूरती, कठिनाइयों के बाद जीवन का सफर प्रारंभ करके, जिस प्रकार से माननीय प्रधानमंत्री जी ने एक आदर्श और उत्कृष्ट जीवन दिया और पूरे देश को प्रेरित कर रहे हैं, लालायित कर रहे हैं।

अब तो कौन सा क्षेत्र छोड़ रहे हैं? एशिया हो या ओलंपिक, हमारे खिलाड़ी वहां भी धमाल मचा रहा है। जोरदार ताली बजाए हमारे अपने बच्चों के लिए। बदलते पुराने समय में अभी कबड्डी में क्या पुरस्कार मिल जाए, एशिया में तो बहुत बड़ी बात हो जाती है। वो तो अच्छा है कबड्डी खेलने वाले ज्यादा देश नहीं है। यह तो मालूम पड़ा, 140 करोड़ के लोग जब खेल की लिस्ट में देखो तो खाली एक देश से 47 से लेके आज तक कंपटीशन होता था, केवल पाकिस्तान को मिला कि नहीं मिला। उसको नहीं मिला तो हम पर खुश हो जाते थे, हमको मिले ना मिले, केवल एक देश से कंपटीशन चलता है। आज का दौर आप बताओ, ये लिस्ट 2000 चली है। जो चार तारीख की लिस्ट आपने देखी होगी एशिया कि पाकिस्तान का नंबर था, मुझे मालूम नहीं, लेकिन चौथे नंबर पर आया। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात। भारत में सभी प्रकार के पुरस्कार हमारी भारतीय प्रतिभाओं ने अर्जित किए। और कितना अच्छा लगता है। ट्रंप को अभी चार दिन पहले अपने देश के विदेश मंत्री ने कहा कि ये बात सही है कि हमारे अमेरिका से संबंध होना चाहिए, लेकिन हम संबंध होने का मतलब ये नहीं कि भारत अपने हितों के साथ उठाना है। भारत सम्मान के साथ बात करना चाहता है। तो डील होगी तो होगी, लेकिन भारत का सम्मान भी बना रहेगा। और भारत के निवेशकों का मान-सम्मान ये भारत के सम्मान के साथ हुआ है। ये सुनकर, देख के कितना आश्चर्य लगता है। और उससे बढ़कर के जब चित्र छपता है, बीच में मोदी जी, एक तरफ चाइना के राष्ट्रपति और एक तरफ रशिया के राष्ट्रपति, देखते हैं तो अपना सबका सीधा 56 इंच का हो जाता है। यही तो आवश्यकता है। इसी बात के लिए पर भारत का आज हमारे सबके सामने मान-सम्मान के साथ।

और अब तो मुझे लगता है इस प्रकार का समय चल रहा है। वास्तव में मैं अपने राज्य की तरफ से एक बार फिर भारत सरकार के साथ माननीय मोदी जी के नेतृत्व में, अस्थिरता की राजनीति, गठबंधन की राजनीति, नाना प्रकार की चुनौतियों के बीच निवेशक या निवेश होने वाले वातावरण पे क्या असर पड़ता है। अभी मैं चंदन ठाकुर से पूछा कि भाई बताइए कि हमारे पास आज के भाषण का विषय क्या होना चाहिए? एक निवेशक को क्या जरूरी चाहिए? तो मैंने कहा, निवेशकों के लिए आपने बैठे मेरे को आठ-दस पॉइंट बताए कि ये एक-एक जब भी कोई निवेशक आता है, इंडस्ट्रिस्ट आता है, तो वो ये सारी चीजें देखता जाता है और उस जो ठीक होता जाता है उसके प्रति उसका विश्वास बढ़ता जाता है। तो हमने कहा, जरा बताओ कि कौन-कौन से बिंदु है।

आपने कहा, सबसे पहली बात राजनीतिक स्थायित्व होना चाहिए। और मध्य प्रदेश जो राजनीतिक स्थायित्व है, 25 साल से एक ही सरकार है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। बीच में एक-डेढ़ साल भी तो अपने वजन से कांग्रेस, उसका पता नहीं चला। लेकिन दूसरा, हमने कहा कि पॉलिसी के आधार पर व्यापार व्यवस्था होना चाहिए। एक ऊपर जाने से पहले वनस्पति से आदमी को मालूम होना चाहिए। सरकार की योजना कैसी, पॉलिसी। तो हमने कहा, एक-दो नहीं, 25 पॉलिसियां लागू करने वाला एकमात्र राज्य प्रदेश है, जिसमें आपने सारे व्यापार-व्यापार व्यवस्था सभी आधार पर ये पॉलिसियां भी लगाई।

फिर आपने कहा कि जमीन की उपलब्धता भी होना चाहिए और जमीन का अलॉटमेंट भी होना चाहिए। हमने कहा, इसमें भी 100 नंबर हमको मिलता है। आज भी इतनी भूमि देने के बाद भी 1 लाख एकड़ से ज्यादा का लेन-देन आज भी प्रदेश के पास है। हमें एक बात की प्रसन्नता, हमारे पास परमात्मा की दया से भूमि की उपलब्धता में कोई कष्ट नहीं।

फिर आपने कहा, खास करके इंडस्ट्रियल वातावरण भी बना। एक तरह से जो औद्योगिक वातावरण होता है। हमने कहा, हमारे यहां ये औद्योगिक वातावरण भी इसी प्रकार का है। फार्मा सेक्टर भी है हमारे पास। सभी प्रकार के माइनिंग से लगातार एनर्जी तक, फॉरेस्ट से लगाकर, परमात्मा की दया से सभी प्रकार की इंडस्ट्री, हाईवे इंडस्ट्री भी है, एमएसएम भी है, लघु उद्योग भी है। और हमारे राज्य के अंदर व्यापार-व्यवसाय के लिए एक करोड़ लगाने वाले का भी वही सम्मान है जो एक लाख करोड़ लगाता है। दोनों में कोई अंतर नहीं। दोनों आपके बराबर है। हर एक व्यक्ति का मान-सम्मान और हर एक व्यक्ति से व्यापार-व्यवसाय की सरलता के आधार पर ये हमारी अपनी गहराई है।

फिर आपने कहा, एक लोकेशन का भी बहुत महत्व है। आप सब कुछ देना चाहते हो, लेकिन कोने में एक तरफ पेट्रोल, तो आपके पास आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन भी तो करना पड़ेगा। आपने कहा, बिल्कुल सही बात है। हम तो बैठे देश के दिल में बैठे, मध्य में बैठे हैं। ये मध्य प्रदेश के उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, कोई कहीं भी जाना हो। बाकी लोकेशन हमारी इतनी अच्छी है कि हर एक व्यापारी को अपने आप में इसका लाभ मिलता है। ये हमारे हाथ में नहीं है। परमात्मा की दी हुई है। जब दी हुई है तो ताली तो बजा ही सकते। भगवान की आपको। ऐसे में आज हमारे साथ लोकेशन का लाभ है।

फिर आपने क्या, फाइनशियली तो मुझे मालूम है, इस बात को यहां मंच से भी कई लोगों ने कहा है। ये कई सारे हमारे मित्रों ने कहा कि लगभग जब से हमने हमारी सरकार के बनने के बाद इस दिशा में कदम बढ़ाया के निवेशकों से बात करेंगे, अलग-अलग रोड शो करेंगे, हमारी से लगाकर अभी तक हमारा एकमात्र तो आपके लोगों से मुंह से सुनते हैं कि हमने जो कमिटमेंट किया, कमिटमेंट हमारी सरकार की समिति को, या लेने का दो साल, चार साल, छह साल पुराना भी कोई वादा सम किया हो, हर एक व्यक्ति से बीते महीने तक का भी सारा पैसा हमने उसके डीबीटी करके डायरेक्ट खाते में पहुंचाया। ये हमारा कमिटमेंट है कि हमें कितना भी हमने जो देना हो, उसके हक का उसका लाए। और हमारी अपनी जुबान, सरकार इसी प्रकार से होना चाहिए। हमने कमिटमेंट कर लिया तो वो अपने पेपर पे नहीं, धरातल पे होना चाहिए। इसलिए कायों के बजाय लेने वाले तरीके से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

फिर आपने कहा, सोशल, खासकर अपने रिस्पांसिबिलिटी होना चाहिए। इस मामले में भी हमारी सरकार होता है। समान रूप से सब प्रकार की भावनाओं के साथ चल रही।

कनेक्टिविटी की बात आपने कही। एकमात्र हमारा अपना राज्य, जिस राज्य की अपनी एडिशन पॉलिसियां भी इतनी अच्छी के जहां हम अपने राज्य के अंदर भी हेवी सर्विज से लगा के, अपने राज्य के अंदर भी विमान सेवा में यात्रा आप करो। लेकिन आपकी सीट के साथ हमारी पॉलिसी के अंतर्गत पीजीएफ हम देते हैं पर सीट। इसलिए हमको भारत सरकार के बजाय हमारे अपने खुद की कनेक्टिंग नेटवर्क। आज अगर भोपाल से, जबलपुर से, इंदौर से आपको अपने इंडस्ट्रियल बेल्ट के आधार पर सिंगोली जाना हो, इंदौर, भोपाल, जबलपुर जाना हो, तो हमारी आपके राज्य की सर्विज। और आप केवल राज्य की नहीं, राष्ट्र के लिए भी है, जिस आधार पर दिल्ली, दिल्ली, कोलकाता, रायपुर और हमारा बंगाल के साथ-साथ मुंबई का भी संपर्क जुड़ा है। लेकिन आपको इंटरनेशनल लेवल पे भी हमारी अपनी इंदौर की अबू धाबी की फ्लाइट इंदौर से उड़ रही है और शारजा की तरफ भी जा रही है। और आप बताइए, एक फ्लाइट में, पर फ्लाइट ₹15 लाख की सब्सिडी हम दे रहे हैं एविएशन कंपनी को, ताकि आना-जाना सरलता के, हमारे यहां व्यापार-व्यवसाय करने वाले के लिए। ये हमारी सरकार की पॉलिसी, सभी प्रकार के ऐसी अनुकूलता बना के।

कनेक्टिविटी में रोड नेटवर्क की अगर बात करें तो 5 लाख किलोमीटर का रोड का नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर हमने बनाया। हमारे यहां ए-लेन सुपर एक्सप्रेसवे से, मध्य में होने के कारण से दिल्ली जाओ या हम मुंबई जाए, कहीं भी जाओगे तो जब मध्य प्रदेश से आप क्रॉस करोगे तो 6 घंटे में आप सड़क मार्ग से पहुंच जाओ। यह कनेक्टिविटी हमारे राज्य से निकल के विद्यार्थी है।

इसी के साथ-साथ जब मैनपावर की बात आती तो सबसे सस्ती, सबसे अच्छी स्थिति में इसमें भी हम है। आज एकमात्र राज्य है जहां आजादी के बाद से मुझे पहले का मालूम नहीं, कोई आंदोलन हुआ ही नहीं। लेबर पर आंदोलन नहीं डलती है। ये हमारे अपने राज्य के लोगों का व्यवहार इतना है। ना राज्य के लोगों का लेबर का आंदोलन होता है, ना दूसरे का है। कहीं कोई क्राइम बेस जीवन पद्धति, अपराध आधारित भी नहीं। कोई बड़े से बड़ा आदमी हो, छोटे से छोटा आदमी, दो घंटे, चार घंटे, पूरी रात भी सड़क पे घूमे, अपनी फैक्ट्री में भी रहे, कभी किसी को कष्ट नहीं आता। ये एक तरह से क्राइम बेस जीवन की आदर्श स्थिति ये हमारे राज्य के अंदर है। और सिंगल विंडो से काम करने-कराने के लिए इससे बड़ा क्या प्रमाण होगा कि आपसे जब बात कर रहे हैं तो एक नहीं, दो नहीं, यहां तो कई मित्रों से मित्रता हो गई। ऐसे कई मैं यहां भूमि की गिनती लगा रहा था। आठवीं बार मैं व्यापार-व्यवसाय के लिए ढाई साल में आ रहा हूं। एक मुख्यमंत्री बार-बार आपसे मिलने आ रहा है, तो ये हमारीता है सरकार। और तो हमने भी कहा कि केवल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि इंडस्ट्री मिनिस्टर भी मेरे पास ही मंत्रालय रखा के, बीच में भी कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। जब काम करने के मनोभाव अच्छे हो तो काम करने की अनुकूलता भी होना चाहिए।

ऐसे बोलने के लिए तो बहुत देर तक हम किसी प्रकार की बात कर सकते हैं। लेकिन सच में आज के दिन इस मुंबई के अंदर जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो लगभग 90 हजार करोड़ के हमारे व्यापार-व्यवसाय का बड़े पैमाने पर आश्वासन हमको मिले हैं। मैं अपनी ओर से सबका आभार भी मानता हूं और सबको बधाई भी देता हूं। हमारे राज्य के अंदर लगभग जब से हम बैठे हैं, जीआईएस और उसके बाद के समय लगभग 34 लाख करोड़ के प्रस्ताव के आधार पर एमओयू हुए थे। लेकिन मुझे इस बात की भी प्रसन्नता कि हमारे एकमात्र राज्य है जो जीआईएस के मोटे तौर पे 10% एमओयू धरातल पर उतर जाए तो बड़ी बात होती, लेकिन हमारे यहां 30% से ज्यादा धरातल पे उतरे। मुझे इस बात की प्रसन्नता है। 10 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव हमने ना केवल उनको भूमि उपलब्ध कराई, बल्कि कई जगह तो उत्पादन भी प्रारंभ हो गया। और एक तरफ यह बात भी सही है, अभी तो इसके अंदर जो आपने भी बताया, बता सकता हूं। आज एकमात्र राज्य प्रदेश है जो सबसे सस्ती बिजली अपने निवेशकों को उपलब्ध कराता है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है। आप बताओ, पार्क के अंदर अगर हमारे जो रेडीमेड गारमेंट से जुड़े हुए या ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े इंडस्ट्रीज आते हैं तो ₹ यूनिट की दर पर आपको बिजली उपलब्ध कराना, यह पूरे देश में कहीं मिल रही है क्या? कहीं पे नहीं मिल रही। ₹ और कोई लिमिट नहीं। और ना कोई आपको कितने साल तक ये मालूम नहीं। जब तक आप इंडस्ट्री चलाओ, हम लिख के चले। आप चलाइए, क्योंकि हमारे पास बिजली भी सरप्लस, लैंड भी सरप्लस, लेबर भी।

अपने आप ऐसे समय में आज के इस अवसर पर इतनी सारी बात करने के बाद तो नहीं लगता कुछ और बोलना चाहिए। लेकिन अगला जीआईएस का निमंत्रण आपको दे रहा हूं। 2027 जनवरी या फरवरी, एक मुझे लगता है कि तारीखों से आने वाली। ऐसे में जीआईएस के दूसरे आमंत्रण के लिए भी मैं आज मुंबई आया था। आप सबको आमंत्रित करता हूं। आइए मध्य प्रदेश से जुड़िए। व्यापार-व्यवसाय के माध्यम से एक बात जरूर है। ये जो हम उद्योग चलाने वाले लोग या निवेशक, ये निवेशक परमात्मा की दया से अपने इस असीम अंदर की छिपी क्षमता के मुद्दे पर आप अपना व्यापार-व्यवसाय नहीं करते। व्यापार-व्यवसाय के माध्यम से परमात्मा के इस मानव शरीर के बंधुते कई लोगों की जिंदगी खुशहाल बनाने का परमात्मा आपको मौका देता है। आइए हम सब अपने मूल भाव को समझते, अपने-अपने काम को प्रसन्नता के साथ करें। इसी भाव के साथ पुनः आपका स्वागत करता हूं। अभिनंदन करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद।