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देवास। अब तक शासकीय विद्यालय के शिक्षक अपनी माँगों के चलते शासकीय अधिकारी से मिलकर अपनी समस्याओं का निराकरण करवाते थे। लेकिन अशासकीय शिक्षण संस्था के शिक्षक एक साथ उपस्थित हुए जहाँ उन्हें समयानुसार वेतन नहीं मिलने पर वे जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष पंहुचे जहाँ वेतन नहीं मिलने पर गुहार लगाई। बताया जाता है की उक्त विद्यालय संचालक ने विक्रय कर दिया था, जिस पर पूर्व संचालक व वर्तमान संचालक के बीच आपसी विवाद बना हुआ है, जिसके चलते पढ़ाने वाले शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है।
शहर का प्रतिष्ठित माने जाने वाला विद्यालय एव्हरेस्ट स्कूल शंकरगढ़ में स्थित है, जहाँ का स्टाफ पिछले कई वर्षाे से नियमित रूप से अपनी सेवाऐं दे रहा है, लेकिन संस्था के द्वारा विगत कई माह से क्रमश: वेतन नहीं मिल पा रहा है। जनसुनवाई में आवेदन देने आये शिक्षकों ने बताया की वेतन के मामले को लेकर संस्था संचालक वीरधवल पोतेकर एवं प्राचार्य निवेदिता पोतेकर से इस संबंध में कई बाद मिल चुके हैं, लेकिन हर बार हमें अलग-अलग तारिखों पर वेतन के भुगतान का आश्वासन दिया गया, साथ ही अलग-अलग कारण बताते हुए हमें भुगतान नहीं किया गया।
आर्थिक स्थिती डगमाई तो विक्रय किया स्कूल
बताया जाता है की कुछ विशेष परिस्थितियों के चलते पोतेकर ने स्कूल का विक्रय हरीश महाजन व उनसे संबंधित लोगों को कर दिया है। विद्यालय में मौजूद शिक्षकों को विद्यालय विक्रय की जानकारी यथा समय पर नहीं दी गई। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से और आपसी लेनदेन के विवाद के चलते 26 मई को शंकरगढ़ स्थित शाला परिसर में पुलिस व संबंधित अधिकारीयों के द्वारा समस्त दस्तावेज व कार्यालय को सील कर दिया गया।
हमें दिलवाया जाये वेतन
उक्त विवाद के चलते क्रमश: 20 शिक्षकों को वेतन व उनका पीएफ तक नहीं दिया गया है, शिक्षक दीपक धर्माधिकारी ने बताया की कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनका वेतन क्रमश: 5 माह, 6 माह किसी का 7 माह तक का वेतन भी नहीं दिया गया है। स्कूल संचालक का आपसी विवाद होने से हमें परेशानी बनी हुई है।