“डॉ. हेडगेवार स्मृति व्याख्यानमाला” पंच परिवर्तन के सूत्रों से राष्ट्र को नई दिशा देगा संघ : आलोक कुमार
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रतलाम, 12 अप्रैल: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल में 12 अप्रैल 2026 को...
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नगर निगम से कुछ ही दूरी पर यह आलम स्वच्छता का
नाले की गंदगी के बीच वार्ड के रहवासी
जिम्मेदार पार्षद का भी ध्यान नहीं….
देवास। स्वच्छ भारत की ज्योत जगानी है…..उक्त कथन युक्त निगम का कचरा वाहन प्रतिदिन शहर के अधिकांश वार्डों में निकलता है, जो सभी वार्डो से कचरा उठा कर ले जाता है। मगर कई ऐसे भी वार्ड हैं, जहाँ वार्ड में निगम द्वारा पिछले दिनों नाली से निकाला गया मलवा रोड़ पर पटका गया था जो अब आने जाने वाले लोगों को गंद से नाक पर कपड़ा या हाथ रखकर चलने का मजबूर कर रहा है। यहा तक की नालियों से निकाला गया मलवा अभी भी जस के तस पड़ा हुआ है। इस गंदे बदबूदार कचरे के ढेर पर सुअरों का जखीरा मस्त होकर विचरण करते देखे गए। इस पर ये कहा जा सकता है कि स्वच्छ भारत मुहिम में अब महज कागजों तक सीमित है, जो निगम की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
शहर के बीच स्थित पार्षद बाली घोसी के वार्ड में बारीश के पूर्व नालों की सफाई कराने के लिए चार दिन पहले काम शुरू करवाया गया था लेकिन निगम की सफाई गैग द्वारा नालियों को साफ तो कर दिया याग लेकिन कचरा का मलवा रोड पर छोड दिया गया जो अब सडऩ मारते हुए रोड के बीच तक आकर फेल गा है और उक्त कचरे पर सूअरों द्वारा सड़कों पर फेला कर निगम से चंद कदमों की दूरी की शोभा बढ़ा रहाी है। वैसे स्वच्छ भारत मुहिम को लेकर वार्ड पार्षद का दायित्व भी है कि वार्ड में घूम कर गन्दगी को हटवाए किंतु देवास शहर का निगम पार्षद दल सत्ता में इस कदर चूर हो गया है कि उन्हें अपने वार्डो से कोई दिलचस्पी नहीं है। फिर वार्ड में चाहे कुछ भी हो। कचरा उठाने का वाहन प्रतिदिन आने जे उपरांत भी इस तरह सड़क की शोभा बढ़ाना पार्षद की सोच पर प्रश्नचिन्ह बनता दिखाई देता है। ये वार्ड कोई पहला वार्ड नहीं है, जहाँ इस तरह से स्वच्छ भारत की मुहिम का ऐसा नजारा दिखाई दे रहा हो, शहर में और भी सत्ताधारी पार्षदों के वार्ड हैं जहाँ हालात अब भी जस के तस है।
बारिश में होगी ऐसी व्यवस्था ?
सम्भवत: कुछ दिनों में बारीश का दौर आरंभ होगा, उस समय अगर इस तरह जमा कचरा सड़कों या क्रमश: वार्डों में दिखाई देगा तो निश्चित है कि बीमारियों का जमावड़ा भी कचरों के ढेर से जमने लगेगा। उस समय अगर ऐसा हुआ तो इन सब का जिम्मेदार आखिरकार पार्षद ही होगा, और स्वच्छ भारत मुहिम के जिम्मेदार अधिकारी….?
