हरियाणा : टेली-मानस हेल्पलाइन हजारों लोगों के लिए बनी जीवनरेखा, 16,000 से अधिक नागरिकों ने मांगी मानसिक स्वास्थ्य सहायता
चंडीगढ़, 12 मई – प्रदेश सरकार की टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन भावनात्मक...
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज गुवाहाटी (असम) में स्थित प्रसिद्ध श्री...
चंडीगढ़, 12 मई – हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (एचईपीबी) की 19वीं बैठक...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा...

आरएसएस से जुड़ा संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) रमजान के मौके पर मुंबई में इफ्तार पार्टी आयोजित करने जा रहा है. लेकिन मुस्लिम समुदाय के कुछ ग्रुप RSS के इस इफ्तार पार्टी का विरोध भी कर रहे हैं, उनका कहना है कि जब तक RSS अपनी एंटी मुस्लिम पॉलिसीस को छोड़ नहीं देती तब तक मुसलमानों को ऐसे आयोजन से दूर रहना चाहिए.
ऐसा पहली बार है कि आरएसएस की तरफ से मुंबई में इफ्तार पार्टी रखी जा रही है. 4 जून को सहयाद्रि गेस्ट हाउस में आयोजित होने वाली इस पार्टी में 30 इस्लामिक देशों के राजनयिकों के अलावा मुस्लिम समुदाय के 200 से ज्यादा प्रतिष्ठित लोगों को भी आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा दूसरे समुदायों से जुड़े 100 मेहमानों के भी इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है.
एमआरएम के राष्ट्रीय संयोजक विराग पचपोरे के मुताबिक इस आयोजन का मकसद अल्पसंख्यक समाज के बीच आरएसएस के बारे में फैलाई गई भ्रांतियों को खत्म करना है. आरएसएस किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है. सच्चाई यह है कि हम देश के सभी समुदायों के नागरिकों में शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करना चाहते हैं.
कुछ मुस्लिम संगठनो ने विरोध किया है और उनका कहना है कि वह इसमे शामिल नहीं होंगे. दूसरे भी इसमे शामिल न हो, इसके पीछे का कहना है कि 2019 में मुस्लिम वोटर्स को रिझाने के लिए बीजेपी ऐसा कर रही है, कभी लव जिहाद तो कभी गौहत्या के नाम पर मुस्लिमों को परेशान किया जाता है. यह इफ्तार पार्टी एक पाखंड है, इसमें इसलिए हम लोग शामिल नहीं होंगे.