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भोपाल: मध्य प्रदेश से आई एक दिल दहला देने वाली ख़बर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े करती है. सूबे के गुना जिला अस्पताल के एसएनसीयू यानी विशेष शिशु गहन इकाई में तीन दिन के अंदर छह बच्चों की मौत हो गई.
बड़ी बात ये है कि गुना जिला अस्पताल के इस एसएनसीयू की स्थापना दुनियाभर में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनीसेफ के द्वारा किया गया है. मृत बच्चों के परिवार वाले इस पूरे मामले की अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.
देशभर में हेल्थ सिस्टम है खस्तहाल
किसी राज्य या देश में ये अपनी तरह की पहली घटना नहीं है. मई महीने में इसी सूबे के ग्वालियर के सरकारी जयारोग्य अस्पताल में तीन मरीजों की मौत पर हंगामा खड़ा हो गया था. मरीजों के परिवार का आरोप था कि बिजली गुल होने के दौरान ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई जिससे मरीजों की मौत हो हई.
आपको बता दें कि बीते साल 10 अगस्त की रात उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई थी जो तीन दिन बाद 13 अगस्त की अल सुबह बहाल हो पाई थी. इस दौरान 10, 11 और 12 अगस्त को क्रमश: 23, 11 और 12 बच्चों की की मौत हुई थी.