छत्तीसगढ़ : महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में...
गुरुग्राम। रविवार देर रात्रि तक ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित इंडियन एमेच्योर...
उज्जैन। डॉ. हेडगेवार जन्म शताब्दी स्मृति सेवा न्यास के प्रकल्प अंतर्गत आयोजित...

भोपाल। बंगाल की खाड़ी और उससे लगे ओडिशा के तट पर एक डीप डिप्रेशन सिस्टम(गहरा अबदाब का क्षेत्र) बन गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस सीजन में तरह का सिस्टम पहली बार बना है। इसके प्रभाव से राजधानी सहित पूरे प्रदेश में जोरदार बरसात होने के आसार हैं। इस सिस्टम का असर 2-3 दिन तक बने रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक डीप डिप्रेशन सिस्टम के पश्चिम,उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ने की संभावना है। आगे बढ़ने पर यह सिस्टम अबदाब के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। मानसून द्रोणिका(ट्रफ) वर्तमान में फिरोजपुर, अंबाला, मेरठ, उरई, डाल्टनगंज, चाईबासा से बंगाल की खाड़ी तक बनी है।
एक अन्य द्रोणिका बंगाल की खाड़ी,से झारखंड,उत्तरी छत्तीसगढ़,उत्तर-पूर्व मप्र,दक्षिणी उप्र से उत्तर-पूर्व हरियाणा तक बनी हुई है। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पूर्व उप्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से मप्र में अच्छी बरसात की संभावना बढ़ गई है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि इस सीजन में पहली बार बंगाल की खाड़ी और उससे लगे ओडिशा के तट पर एक डीप डिप्रेशन सिस्टम बना है। इसके प्रभाव से गुरुवार से ही राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर बरसात का दौर शुरू हो गया है।
शुक्रवार से कई क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। विशेषकर जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में भारी बरसात भी हो सकती है। उधर गुरुवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक खजुराहो में 25.4, पचमढ़ी में 11, सागर में 7, भोपाल में 7.1,रायसेन में 4, नौगांव, बैतूल में 3 मिमी. पानी गिरा।