उज्जैनदेवासभोपालमध्य प्रदेश

चुनावी तड़का………! मतदान में 5 दिन शेष कही हाथ जोड़कर तो कही पैर पकड़कर मांग रहे है वोट

चुनावी तड़का………!
मतदान में 5 दिन शेष
कही हाथ जोड़कर तो कही पैर पकड़कर मांग रहे है वोट
देवास।
देवास विधानसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय के अलावा कई पार्टियों के प्रत्याशी सुबह से रात तक चुनाव प्रचार में व्यस्त हो गये है अपने अपने समर्थकों के साथ मतदाताओं से संपर्क कर रहे है। वोट के लिए कहीं हाथ जोड़ रहे है तो कहीं मतदाताओ की मनोहार की जा रही है तो कल तक सत्ता में थे जो लोग उन्हें हाथ जोड़ रहे थे वो आज वोट के लिए मतदाताओं के हाथ जोड़ रहे है और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे है मतदाता भी इनके पूरे मजे लेकर प्रत्याशी को विजयी श्री का आशीर्वाद प्रदान कर रहे है। शायद इन प्रत्याशियों को यह नहीं मालूम की ये मतदाता सारे प्रत्याशियों को विजयी आशीर्वाद दे रहे है वहीं प्रत्याशी भी एक एक मतदाता के पास वोट के लिए पहुंच रहे है क्योंकि एक वोट भी सब पर भारी पड़ जाता है इस समय प्रत्याशी मतदाताओं का मन जीतने के अपना पूरा प्रयास कर रहे है और इन प्रत्याशियों के घोषणा पत्र भी मतदाताओ द्वारा पड़े जा रहे है।
28 नवंबर को मतदान होना है। और मतदान मैं भी केवल पाच दिन शेष बचे है और इसके लिए प्रत्याशी अपने पूरे जोर शोर से मैदान में उतर गये है। सुबह से देर रात तक पसीना बहा रहे है इस बार देवास में भाजपा के सत्ताधारी और कांग्रेस के इच्छाधारियों के बीच मुकाबला है सत्ताधारी गायत्रीराजे पवार है तो इच्छाधारी जयसिंह ठाकुर है जो इच्छा रख रहे है कि मैं भी चुनाव प्रतिद्वंदी प्रत्याशी को हराकर विधानसभा में पहुंचू। वही इसके अलावा भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप बांगर भी इन दोनों के गण्ति के
प्लस माईन्स बिगाड़ सकते है चर्चा यह भी है कि कही बांगर भाजपा और कांग्रेस के लिए मुसीबत ना बन जाये।
इधर चुनावी सभाओं में भाषणबाजी से नेताजी लोकप्रियता बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है युवाओं से कंधा मिलाकर काम कर रहे है। चुनाव लड़ रहे है सभी उम्मीद्वारों के समर्थक का बहुझूम सुबह से देर रात तक जुटा हुआ है प्रत्याशियों को बुजुर्ग लोग मंगल तिलक लगाकर विजयी भव का आशीर्वाद भी दे रहे है।
वैसे तो देवास में चुनाव होने जा रहे है पर पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि चुनाव आयोग की सख्ती के चलते किसी भी प्रकार का हल्ला नहीं हो रहा है। सभी प्रत्याशी बहन बेटी के लक्षणों से प्रचार प्रसार कार्यो में जुटे हुए है कोई किसी की बुराई नहीं कर रहा है सभी एक दूसरे का सम्मान कर रहे है। चुनाव आयोग का डंडा असर दिखा रहा है। चुनाव में फालतू का कुछ भी नहीं दिख रहा है। सही मायने में लोकतंत्र का परिचय इस चुनाव में देखने को मिल रहा है। यह अलग बात है कि असंतुष्ट अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को गलाने के लिए अंदर ही अंदर काम कर रहे है प्रत्याशी मुगालते में जी रहे है वे अब ये पता लगाने में जुटे है कि हमारी कब्र अंदर ही अंदर कौन खोद रहा है।