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वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का वोएजर-2 हमारे सौरमंडल के आखिरी छोर पर पहुंचने वाला दूसरा यान बन गया है।
नासा ने बताया कि 41 साल पहले लांच किया गया यह यान सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र (हेलियोस्फेयर) से बाहर पहुंच गया है। इससे पहले 2012 में वोएजर-1 ने इस सीमा को पार किया था।
हालांकि दोनों यान अभी सौरमंडल के अंदर ही हैं और अभी निकट भविष्य में ये इससे बाहर नहीं जाएंगे। नासा ने बताया कि वोएजर-2 अभी धरती से 18 अरब किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर है।
यान के विभिन्न उपकरणों से मिले डाटा के अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने बताया कि इसने पांच नवंबर को हेलियोस्फेयर के आखिरी छोर को पार किया।
मिशन से जुड़े वैज्ञानिक अभी भी यान से संपर्क करने में सक्षम हैं। हालांकि उससे आने वाले संकेत प्रकाश की गति से चलते हैं, इसलिए उन्हें यान से धरती तक पहुंचने में करीब 16.5 घंटे का समय लगेगा।
वैज्ञानिकों ने बताया कि वोएजर-1 और 2 ने अलग-अलग समय और जगह से हेलियोस्फेयर को पार किया है। इसलिए दोनों से मिलने वाली जानकारियां अलग हैं।