ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਤੋਂ 2,800 ਨਵੇਂ ਡਿਪੂ ਹੋਲਡਰਾਂ ਨੂੰ ਲਾਇਸੈਂਸ ਸੌਂਪ ਕੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ਦਾ ਨਵਾਂ ਰਾਹ ਖੋਲ੍ਹਿਆ ਹੈ
ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਤੋਂ 2,800 ਨਵੇਂ ਡਿਪੂ...
ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਤੋਂ 2,800 ਨਵੇਂ ਡਿਪੂ...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार...

मल्टीमीडिया डेस्क। मयंक अग्रवाल ने टीम इंडिया की ओपनिंग बल्लेबाजी की समस्या का बुधवार को मेलबर्न में कुछ हद तक समाधान कर दिया। इस 27 वर्षीय बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में यादगार डेब्यू किया। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में मयंक ने अर्द्धशतकीय पारी खेल दिखा दिया कि घरेलू क्रिकेट के बाद अब उनमें इंटरनेशनल क्रिकेट में भी प्रभाव छोड़ने की क्षमता हैं।
नियमित ओपनर्स मुरली विजय और केएल राहुल को बाहर किए जाने की वजह से हनुमा विहारी के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे मयंक बिल्कुल भी भयभीत नहीं दिखे। उन्होंने गेंदों को उनकी गुणवत्ता के हिसाब से खेला। मयंक ने 76 रनों की शानदार पारी खेल मेहमान टीम को इस महत्वपूर्ण टेस्ट मैच में प्रभावी शुरुआत दिलाई। मयंक को वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उसमें उन्हें मौका नहीं मिला। मयंक इससे विचलित नहीं हुए और जब पृथ्वी शॉ के चोटिल होने की वजह से उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया तो उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया।