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उज्जैन। मध्यप्रदेश की धर्मधानी उज्जैन को स्वच्छता के लिए क्वालिटी कौंसिल ऑफ इंडिया ने ‘ओडीएफ डबल प्लस’ सर्टिफिकेट प्रदान किया है। ये सर्टिफिकेट 250 अंकों का हैं। ये अंक स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के फाइनल परिणाम में जुड़ेंगे।
मालूम हो कि देश के सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ शहरों की रेटिंग के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 4 जनवरी से शुरू हो रहा है। परीक्षा 5 हजार अंकों की है, जिसके पहले चरण में 250 अंकों के ‘ओडीएफ डबल प्लस’ इम्तिहान से उज्जैन पिछले माह गुजर चुका है। इस इम्तिहान का परिणाम गुरुवार को क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया ने ‘ओडीएफ डबल प्लस” सर्टिफिकेट के रूप में जारी कर दिया।
सर्टिफिकेट एक सर्वे में यहां के सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय, तालाब उत्कृष्ट पाए जाने पर दिया है। यहां के व्यवसायिक, आवासीय एवं बस्ती क्षेत्र में भी साफ-सफाई व्यवस्था उम्दा करार दी गई है। उपलब्धि पर नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में 250 अंक तो अब पक्के हुए। इम्तिहान अब 4750 अंकों का बचा है, जिसमें सफल होने की हमने पूरी तैयारी की है।
अब वार्डों में सात दिन विशेष सफाई अभियान
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम उज्जैन कभी भी आ सकती है, इसलिए नगर निगम ने सभी 54 वार्डों में शुक्रवार से सात दिन विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। नोडल अधिकारियों से कहा है कि वे सुबह की सफाई के अतिरिक्त दोपहर 2 से शाम 5.30 बजे तक प्रत्येक वार्ड में पांच कर्मचारियों और नाला गैंग से सफाई कराएं।
शौचालय की कमान निजी हाथों में देने की तैयारी
उज्जैन को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए नगर निगम ने शौचालयों में अच्छी व्यवस्थाएं की हैं। सार्वजनिक एवं सामुदायिक किस्म के 89 शौचालय में से 25 में तो सेनेटरी पेड वेंडर एवं इनसीनेटर मशीन तक लगाई गई है। हर एक में हैंडवॉश लिक्विड, नेपकिन, पर्याप्त पानी का बंदोबस्त है। दीवारों पर खूबसूरत पेंट कराया है। यह व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम के लिए अब चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके लिए निगम ने मैनेटेनेंस व्यवस्था निजी हाथों में देने की तैयारी की है। जल्द ही 25 शौचालयों के लिए तो टेंडर भी निकलने वाला है।
पूरे देश में इंदौर और उज्जैन के नाम… मिठाई बांटी
ओडीएफ डबल प्लस का सर्टिफिकेट 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची में सिर्फ इंदौर को और 5 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की सूची में सिर्फ उज्जैन को प्रदान हुआ है। ऐसे में पूरे देश में गुरुवार को इंदौर-उज्जैन के नाम का डंका बजा। उज्जैन में मिठाइयां तक बांटी गईं। निगम के ग्रांड होटल में जश्न मनाया गया।
नगर निगम आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता में नंबर-1 शहर बनने के लिए अब उज्जैन की दावेदारी मजबूत हुई है। गत सर्वेक्षण में उज्जैन मामूली अंकों के अंतर से ही पिछड़ा था। महापौर मीना जोनवाल ने उपलब्धि का श्रेय आयुक्त प्रतिभा पाल के प्रयासों को दिया है।
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उज्जैन धार्मिक नगरी हैं, इस लिहाज से यहां महाकाल मंदिर, चामुंडा माता मंदिर, देवासगेट, हरसिद्धि मंदिर, इंदौरगेट स्थित सार्वजनिक शौचालय 24 घंटे स्वच्छ एवं चालू रखे जाते हैं। उज्जैन खुले में शौच मुक्त हों, इसके लिए जोनल अधिकारियों की सुबह 6 बजे से वार्डों में निरीक्षण की ड्यूटी लगाई गई थी। ओडीएफ डबल प्लस सर्टीफिकेट मिलने पर इन अधिकारियों में उत्साह है। उन्होंने कहा है कि मेहनत सफल हुई।