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एसडीएम ने किया आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण
अनियमितता पाये जाने पर हुए नाराज
देवास। शहर में कई आंगनवाड़ी केन्द्र हैं जहां छोटे बच्चों को शिक्षा के साथ प्रतिदिन नाश्ता व भोजन केन्द्रों के जरिये दिया जाता है। लेकिन यहां भोजन कितना शुद्ध व पौष्टिक है इसकी जानकारी तो वहीं से मिलती है जहां भोजन बच्चों के लिए बनाया जाता है। एसडीएम ने आज शहर की रेवाबाग, वारसी नगर के बीच विभिन्न आंगनवाडिय़ों का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने कई अनियमित्ताएं भी पाई जिसके चलते उन्होंने मौजूद विभागीय अधिकारी को तत्काल निर्देश दिए कि यहां पर किसी भी प्रकार की असुविधाएं बच्चों को नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही वारसी नगर के एक आंगनवाड़ी केन्द्र पर जहां बच्चे ही नहीं थे। वहां भोजन पूर्व से आकर तैयार था बच्चों की गैरमौजूदगी में यह भोजन किसे दिया जा रहा था यह सोच का विषय है लेकिन यहां पर एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र की संचालिका को निर्देश दिए कि आगे से किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करूंगा।
शहर में कई आंगनवाडिय़ां लगभग सभी वार्डों में संचालित हो रही है। इनका संचालन किराए से लिए हुए भवन में किया जाता है। इन भवनों में लगभग एक वार्ड से 50 से 100 बच्चे आते हैं। जहां पहले से भोजन को लेकर कई अनियमित्ताओं की शिकायत एसडीएम को मिली थी इसी के चलते आज उन्होंने अचानक से निरीक्षण किया। सबसे पहले एसडीएम जीवनसिंह रजक, तहसीलदार पूनम तोमर, महिला बाल विकास अधिकारी प्रियंका जायसवाल सहित अन्य लोगों की टीम के साथ रेवाबाग पहुंचे। जहां उन्होंने एक आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार की जानकारी ली और आहार का चखा। भोजन जो बना था उससे तो संतुष्टि लगी। इसके बाद यह टीम वारसी नगर स्थित एक आंगनवाड़ी केन्द्र पर पहुंची जहां उन्होंने बच्चों की गैरमोजूदगी पाई और बच्चों के लिए आया हुआ खाना पूर्व से कैसे आ गया। जबकि बच्चे वहां मौजूद नहीं थे, इस पर सवालियां निशान खड़े हो गए। आंगनवाड़ी केन्द्र की संचालिका से एसडीएम ने जब चर्चा की तो उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे गर्मी की छुट्टी पर बाहर गए हुए हैं वहीं बच्चों का जो भोजन आ रहा है वह कुपोषित बच्चों के घरों पर भेज दिया जाता है। किन्तु आज जब इस केन्द्र पर काफी देर तक कुपोषित बच्चे नहीं आए तो एसडीएम उनकी टीम के साथ उनके घर पहुंच गए। जहां बच्चों के माता पिता से जानकारी ली गई कि उन्हें उनके बच्चों के लिए भोजन नियमित रूप से मिलता है या नहीं। वहीं कुपोषित एक बच्चा यहां मिला। उसने बताया कि उसे नियमित रूप से भोजन मिलता है आज खिचड़ी, कड़ी और हलवा तीनों उसे खाने को मिले हैं। बच्चों के माता पिता कहते हैं कि बच्चे का वजन पहले बहुत कम था। अब हम संतुष्ट है।
यहां मिली अनियमित्ताएं
एसडीएम जीवनसिंह रजक आंगनवाड़ी के निरीक्षण के पश्चात सिविल लाइन स्थित पोषण आहार केन्द्र पर पहुंचे जहां चावल की बोरी में मरे हुए कीड़े मिले। वहीं मुंग की दाल में कुछ ऐसी ही स्थिति देखी गई जिसको लेकर एसडीएम ने पोषण आहार केन्द्र के संचालक विजय वर्मा को बुलाया और पूछा गया कि इस प्रकार बच्चों को आप देते हो अगर कहीं कोई हादसा हो गया तो इसका जि मेदार कौन होगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा किसी भी हादसे को लेकर जिला प्रशासन के ऊपर उंगली उठ जाती है और आप ठेकेदार लोग अपना हाथ बचा ले जाते हैं।
घरेलु गैस टंकी मिली बनाया पंचनामा
यहां पर घरेलु गैस टंकी एक दर्जन मिली जिसको देखते ही एसडीएम नाराज हुए और उन्होंने तत्काल सहायक खाद्य अधिकारी धर्मेन्द्र चौधरी को बुलाया और तत्काल पंचनामा बनाकर कार्रवाई की। इसके साथ ही अन्य खाद्य पदार्थ चावल, दाल, आटा का भी सै पल यहां से लिया गया व कार्रवाई हेतु भेजा गया। एसडीएम ने बताया कि इस प्रकार का भोजन हमने आंगनवाड़ी केन्द्र पर खाया था। भोजन में किसी प्रकार का स्वाद खराब नहीं दिखा था लेकिन जब असलियत सामने आई उससे लगता है कि बच्चे बीमार हो सकते हैं।