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देवास। लापरवाही के कारण एक नवजात की निजी नर्सिंग होम में 10 जुलाई को मौत हो गई थी जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है। वही 9 जुलाई की शाम 6 बजे प्रसूता ने बालक को जन्म दिया था। बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को देखकर उसके अस्वस्थ होने की बात कही और उसे एनआईसीयू में भर्ती कर दिया था जहां बच्चा सुबह तक स्वस्थ व सकुशल था। एक घंटे बाद जब बच्चे को दूध पिलाने के लिए मां एनआईसीयू में गई तो बच्चे में कोई हलचल नहीं दिखी, जिसके बाद उसने अपने परिजनों को बुलाया, परिजनों ने देखा तो उसकी सांसे नहीं चल रही थी जिस पर वहां तत्काल डॉक्टर आए और उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया।
आवास नगर में रहने वाली महिला डिलेवरी के लिये सिविल लाईन स्थित कुलकर्णी नर्सिंग होम में प्रसूति को भर्ती किया था जहस प्रसुता ने एक स्वस्थ्य बालक को जन्म दिया था बच्चे के जन्म के पश्चात डॉक्टरों द्वारा बच्चे के अस्वस्थ होने पर उसे एनआईसीयू में भर्ती कर दिया था। बच्चे की मौत पर परिजनों द्वारा सवालिया निशान खड़े कर दिए थे परिजनों ने आरोप लगाया था कि एनआईसीयू जहां हर समय एक नर्स का होना आवश्यक है लेकिन कोई भी मौजूद नहीं था। इस बीच बच्चे की मौत हुई थी।
वही दो माह तक हुई जांच के बाद कोतवाली पुलिस द्वारा मंगलवार को ईलाज में लापरवाही बरतने पर अस्पताल प्रबंधन की संचालिका मुग्धा कुलकर्णी व डयूटी पर तैनात नर्स के खिलाफ धारा 304ए व 34 में अपराध दर्ज किया गया । साथ ही कोतवाली पुलिस द्वारा प्रबंधन के द्वारा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के साथ छेड़छाड की जांच भी की जा रही है।