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देवास। प्रदेश में कांग्रेस सरकार है और केन्द्र में भाजपा की सरकार है। ऐसी स्थिति के चलते प्रदेश में केन्द्र की और से आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है। वहीं प्रदेश में केन्द्रीय सरकार की कई योजनाएं संचालित हो रही है उनके क्रियान्वयन के लिए भी केन्द्र से मदद नहीं मिल पा रही है। पिछले दिनों अतिवृष्टि बाढ़ प्रभावित नागरिकों व किसानो की मदद की मांग करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा 6 हजार 621 करोड़ रू की मांग की गई थी। जिसमें से मात्र 1 हजार करोड़ रूपये ही दिए गए। जिसके विरोध में पूरे प्रदेश भर में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के प्रदेश में 28 सांसदों के विरूद्ध मोर्चा खोला और सांसदों से मांग की गई है की प्रदेश की हालत को संसद में उठाया जाए और प्रदेश के लिए उक्त रूपया मंगवाया जाए। वही भाजपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष के लिए रायशुमारी चल रही थी जिसमें देवास, खातेगांव व बागली विधायक के अलावा संगठन के तमाम नेता भाजपा कार्यालय पर मौजुद थे वही चंद कदमों की दूरी पर सांसद निवास है जहा पर कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया और सांसद कार्यालय पर जाकर सांसद के नाम एसडीएम को सौंपा गया। इस बीच कुछ अतिउत्साहित कांग्रेस नेताओं ने सांसद निवास पर जाकर कार्यालय के मुख्य द्वार पर कांग्रेस का झण्डा लगाने का साहस तक कर दिया था। लेकिन भाजपाई संगठन चुनाव को महत्व देना उचिज समझकर सासंद निवास पर जाना ठीक नही समझे आखि ऐसा क्यों किया।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद उन्हें केन्द्रीय भाजपा पार्टी की और से हक का रूपया नहीं मिल रहा है। कांग्रेसी नेताओं का आरोप है की केन्द्र की मोदी सरकार इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं, ऊपर से प्रदेश के समस्त भाजपा सांसदों ने चुप्पी साध ली है। केन्द्र से रूपया नहीं मिलने से किसान व प्रदेश की जनता परेशान है। प्रदेश में किसान और जनता का दबाव बढ़ते जा रहा है। इसी तारतम्य में प्रदेश भर में भाजपा सांसदों के निवास पर जाकर कांग्रेस नेताओं ने घेराव किया वहीं देवास में भी चामुण्डा कॉम्पलेक्स से पैदल मार्च करते हुए कांगे्रस नेता सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी के कार्यालय पर पहुंचे जहां घेराव किया। वहीं इस बीच कई नेताओं ने मोदी सरकार व सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी वहीं कार्यालय के समीप पहुंच कर मनोज राजानी ने नारेबाजी करते लोगों को डांटा भी और कहा की आप लोगों को पहले ही समझा चुका हूं की ऐसी नारेबाजी नहीं करना है तो फिर क्यों। वहीं पुलिस ने पूर्व से प्रदर्शनकारियों से निपटने के इंतजाम कर लिए थे। वहीं कांग्रेस नेता व शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने भाजपा सरकार पर आरोप भी लगाए, इसके साथ ही यूरिया की समस्या को लेकर उन्होनें कहा की उसके लिए भी केन्द्र सरकार जिम्मेदार है।
सांसद को बचा नहीं पा रहे या पचा नहीं पा रहे
शनिवार दोपहर को एक साथ होकर कांग्रेस नेता चामुण्डा कॉम्पलेक्स से गए सांसद कार्यालय की ओर गए वहीं बीच में भाजपा कार्यालय भी था, जहां शनिवार को जिलाध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी की जा रही थी, वहीं कुछ भाजपाई नेता जो चुनावों में आगे दिखाई दिखते हैं उनकी आंखों के सामने ही कांग्रेसी नेता उन्हीं की पार्टी के सासंद के कार्यालय जा रहे थे। जहां भाजपाई मूक दर्शक बने सब देख रहे थे। जबकि सांसद कार्यालय भाजपा कार्यालय से चंद मीटर की दूरी पर है, अगर भाजपाई चाहते तो सांसद कार्यालय पर जाने से कांग्रेसी नेताओं को रोक सकते थे और सांसद को बुलाकर वहीं ज्ञापन ले सकते थे। लेकिन भाजपाई नेता तो चाहते ही नहीं की सांसद के लिए वह आगे आए वह तो सिर्फ जिलाध्यक्ष के चयन के लिए और अपनी पैठ बनाने के लिए वहां मौजूद थे। भाजपा नेताओं की इस सोच पर लगता है की या तो वह लोग सांसद को बचा नहीं पा रहे या उन्हें पचा नहीं पा रहे हैं।
यह भी खूब रही
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश हाईकमान के कहे अनुसार सांसद के कार्यालय का घेराव किया, वहीं बताया तो यह गया था की सांसद के निवास पर जाकर घेराव करना है। जिसके चलते सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी अपने जयश्री नगर स्थित निवास पर कांग्रेसी नेताओं का इंतजार करते रहे वहीं सांसद के नहीं मिलने पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने ज्ञापन एसडीएम अरविंद चौहान को सौंपा जहां अब सांसद को ज्ञापन एसडीएम देंगे। कहा जाए तो यह भी खूब रही।
लगा दिया कांग्रेस का झण्डा
जब सांसद के कार्यालय पर घेराव किया जा रहा था, उसी दौरान कांग्रेस नेता चन्द्रप्रकाश सोलंकी व उनके एक और साथी ने अतिउत्साहित रवैये के चलते सांसद कार्याल में पीछे से जाकर कार्यालय के मुख्य द्वार पर झण्डा लगा दिया जिस पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने गुस्सा करते हुए सोलंकी का मना किया और झण्डा वहां से तत्काल हटाया गया। जिस पर मनोज राजानी ने कहा की किसी ने अतिउत्साह में गलती की भी है तो उसकी और से मैं क्षमा मांगता हूं।
प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदारी
सांसद कार्यालय पर झण्डा लगाने की बात पर भाजपा जिलाध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार ने कहा की सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी को शासकीय आवास आवंटित किया है। उस पर झण्डा लहरा रहे तो प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व बनता है की वहां पर झण्डा कैसे लगा दिया उनकी जवाबदेही है की वह वहां की व्यवस्था करना चाहिए। जहां तक रूपए देने की बात है तो केन्द्रीय सरकार ने पिछले दिनों 1 हजार करोड़ रूपए प्रदेश की कमलनाथ सरकार को दिया है। वहीं जब शिवराज सिंह की सरकार थी तो केन्द्रीय कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं दिया था।
यह दिया सांसद नाम ज्ञापन
प्रदेश में सांसद भारतीय जनता पार्टी के चुनकर गए हैं जिनमें एक आप भी है, हमें दुख के साथ कहना पड़ रहा हैं कि कोई भी सांसद प्रदेश के लोगों के हक में अपनी आवाज संसद में नहीं उठा रहा है ना ही प्रधानमंत्री मोदी से राज्य सरकार के हिस्से की राशि जो केन्द्र की विभिन्न योजनाओं के साथ किसानो की और सर्वहार वर्ग के भलाई के लिए खर्च किये जाना है जो कि राज्य सरकार का हिस्सा है वह भी नहीं दिया जा रहा है। आज हम सब कांग्रेस जन इस पत्र के माध्यम से आपसे यह निवेदन करते हुए बताते हैं कि पिछले वर्ष करो के हिस्से में से 2677 करोड़ रूपये की राशि कम दी गई है। इतना ही नहीं वर्ष 18-19 में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में भी 6547 करोड़ रूपए की केन्द्र राशि में कटौती की गई है। 2000 एवं 1920 में भी केन्द्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं जैसे सर्व शिक्षा अभियान, वृद्धा अवस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, कृषि विकास योजना सहित 22 योजनाएं जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित की जाती है। उनके 32713 करोड़ रूपये केन्द्र द्वारा दिए जाने है। उनमें से मात्र 9045 करोड़ रूपये ही दिए गए हैं। प्रदेश को पिछले समय हुई अतिवृष्टि बाढ़ प्रभावित नागरिकों किसानो की मदद की मांग करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा 6621 करोड़ रू की मांग की गई थी जिसमें से मात्र 1000 करोड रूपये दिए गए। इस पत्र के माध्यम से हम आपसे यह निवेदन कर रहे है कि आप शीघ्र ही केन्द्र सरकार से प्रदेश सरकार को बिना किसी भेदभाव के आर्थिक मदद जो वैधानिक तौर से प्रदेश के नागरिकों के लिए बनती है वह तत्काल दिलवाए। वही अपने 27 अन्य सांसद साथियों को भी इसके लिए तैयार करें कि वे केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को आर्थिक सहायता दिलाए।