उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया और मामला पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी तक जा पहुंचा। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई। आज शुक्रवार को भी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। बाजार बंद हैं और भारी संख्या में तैनात है। पुलिस लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
घटना पर एक नजर
तराना में शुक्ला गली में रहने वाला सोहिल पिता सोनू ठाकुर उम्र 26 साल अपने घर से करीब 200 मीटर दूर राम मंदिर संघ कार्यालय के नजदीक बैठा था। शाम करीब 7.30 बजे ईशान मिर्जा और उसके साथ आठ से दस लोग लोहे की रॉड, लाठी और चाकू लेकर सोहिल के पास पहुंचे और उसे धमकाने लगे। इन लोगों का कहना था कि तुम हमारे काम में बहुत टांग अड़ाते हो, हमारे रास्ते में मत आया कर। आरोपियों के साथ सोहिल की कहासुनी हुई, इसी बीच आरोपियों ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
सोहिल को बचाने उसका चचेरा भाई आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। सोहिल को तत्काल ही तराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे उज्जैन रैफर कर दिया गया। इस घटना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए थे। यहीं भीड़ में से कुछ लोग बस स्टैंड की ओर आगे बढ़े व बसों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तराना में तनाव के हालात निर्मित हो गए। रात में ही पुलिस ने ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ हेडली, सलमान, रिजवान और नावेद सहित 6 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। इसके बाद देर रात पुलिस क्षेत्र में गश्त करती रही।








