यूपी में BJP का है जमाना तो सपा क्यों बन रही दलबदलुओं का सियासी ठिकाना?
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में लोकतांत्रिक स्थिति की आलोचना की गई है,...
फरवरी महीने में थोक मूल्य आधारित सूचकांक (WPI) बढ़कर 4.17 फीसदी पर...
बंगाल की चुनावी रेस में बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे से एक...

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त और अरशद वारसी की जोड़ी को दर्शक लंबे समय से मिस कर रहे हैं. संजय और अरशद वारसी की जोड़ी 2003 की कॉमेडी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस में सुपरहिट हुई थी. इसके बाद इस फिल्म का सीक्वल लगे रहो मुन्नाभाई 2006 में रिलीज हुआ. अब एक बार फिर दोनों एक्टर साथ नजर आएंगे.
अरशद वारसी ने ई-टाइम्स को दिए अपने इंटरव्यू में अपनी अगली फिल्म का हिंट दिया. अरशद ने बताया कि इस फिल्म में संजय दत्त एक दिव्यांग डॉन के रोल में नजर आएंगे, इसमें वह उनके लिए मार्गदर्शक का रोल निभाएंगे. इसमें ट्विस्ट है कि किसी को नहीं पता होगा कि संजय दत्त एक दिव्यांग डॉन हैं. खैर छह साल बाद दर्शक दोबारा संजय-अरशद की भाईगीरी देखेंगे.
अरशद वारसी ने फिल्म के शेड्यूल पर कहा, ये बहुत अच्छी स्क्रिप्ट है. फिल्म की शूटिंग अगले साल मार्च-अप्रैल से शुरू होगी. फिल्म की शूटिंग के लिए हम लोग बुडापेस्ट जा सकते हैं.
मुन्नाभाई एमबीबीएस का बनेगा सीक्वल?
इससे पहले अरशद वारसी ने भी मुन्ना भाई एमबीबीएस के सीक्वल बनने का हिंट दिया था. उन्होंने कहा था, राजकुमार हिरानी मुन्ना और सर्किट की दोस्ती के सीक्वल पर काम कर रहे हैं. दोनों फिल्मों में संजय दत्त ने मुन्ना और अरशद वारसी ने सर्किट का किरदार निभाया था. फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी बहुत पहले ही इसका सीक्वल बनाना चाहते थे, लेकिन संजय दत्त अपने कानूनी मसले सुलझाने में लगे हुए थे.
संजय दत्त की अगली फिल्म पानीपत का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म पानीपत में संजय दत्त, अब्दाली का रोल निभा रहे हैं. वे इस फिल्म के विलेन बने हैं. संजय दत्त के किरदार को लेकर बहस भी छिड़ गई है. अब्दुल्ला नूरी नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया, डियर बॉलीवुड, मैं अफगानिस्तान से हूं और लाखों अन्य अफगानों की तरह बॉलीवुड का मुरीद हूं. संजय दत्त मेरे फेवरेट एक्टर हैं. मुझे उम्मीद है कि पानीपत फिल्म में अहमद शाह दुर्रानी (अब्दाली) का कोई अपमान नहीं किया होगा.