UJJAIN : प्रो. रामप्रताप गुप्ता सदैव विद्यमान रहेंगे -प्रो. गोपाल शर्मा - Samacharline.com

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UJJAIN : प्रो. रामप्रताप गुप्ता सदैव विद्यमान रहेंगे -प्रो. गोपाल शर्मा

उज्जैन। जल, जंगल और सामान्य जन के लिए जीवनभर संघर्ष रत देश के सुविख्यात गांधीवादी अर्थशास्त्री प्रो रामप्रताप गुप्ता नहीं रहे ,उनका दुखद निधन 2 मई को उनके 3-राजस्व कॉलोनी स्थित निवास मे हुआ। वे नेत्रदान और देहदान भी खामोशी से कर गये। विशालकाय बाँधों और नई आर्थिक नीति के जनसामान्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर वे देश भर के राष्ट्रीय अख़बारों और शोध पत्रिकाओं में लिखते रहे ..

उन्होंने पुणे के गोखले इंस्टीट्यूट से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि ली .वे देश के सुविख्यात अर्थशास्त्रियों की अग्रिम पंक्ति में ही रहे .मध्यप्रदेश सरकार के योजना आयोग के सदस्य के रूप में भी वे अपनी वैचारिक प्रतिबद्धताओं के लिये जूझते रहे .

विक्रम विश्वविद्यालय ,उज्जैन के क्षेत्राधिकार में दूरस्थ स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,रामपुरा में विभिन्न उच्च शिक्षा के पदों पर लगभग 40 वर्षों तक पदस्थ रहे ,सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे 15 वर्षों तक वहीं ग़रीबों के लिए जनसेवा करते रहे टीबी के रोगियों को दवाइयाँ देते रहे ,उनके लिये चिकित्सा शिविर लगवाते रहे रामपुरा के बाद वे लगभग दो दशकों से उज्जैन में रहकर ही निरंतर लिखते रहे…प्रकाशित होते रहे.

इसी बीच उन्होंने अपने वैचारिक संस्कारों से विकसित अपने ज्येष्ठ पुत्र और प्रख्यात युवा समाजवादी चिंतक और एक्टिविस्ट डॉ सुनील कुमार के असामयिक निधन का क्रूर वज्रपात सहा जो बेतूल के पास के आदिवासियों के बीच रह कर उन्हीं के लिए काम करते हुए यकबयक प्रयाण कर गये.

डॉ सुनील कुमार जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि लेकर आदिवासियों के बीच रहने चले आए थे उनके अनुज एम्स नईदिल्ली में प्रोफेसर हैं एक बिटिया डॉ चंद्रशीला गुप्ता उन्हीं की तरह अत्यंत मेधावी रही , उच्च शिक्षा विभाग में रहते हुए शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय,मंदसौर से प्राणिकी एवं बॉयोटेक्नालॉजी के प्रोफेसर के रूप सेवानिवृत्त होकर उज्जैन में अपने चिकित्सक पति डॉ जेसी गुप्ता के साथ महानंदा नगर के ए सेक्टर में रह रही हैं। वे भरापूरा अकादमिक और आदर्श व्यवसायों से सम्पन्न परिवार विरासत के रूप में छोड़ गये हैं