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37 वर्षीय वकील विजय सिंह यादव पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक ज्यूडिशिएल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) के फेसबुक अकाउंट से उनकी तस्वीर डाउनलोड की और जन्मदिन के मौके पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें बर्थडे विश किया.
मध्य प्रदेश में एक वकील जज की अनुमति के बिना उनकी तस्वीर डाउनलोड करने और कथित तौर पर अभद्र कमेंट का इस्तेमाल करने के आरोप में जेल में है. 37 वर्षीय वकील विजय सिंह यादव पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक ज्यूडिशिएल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) के फेसबुक अकाउंट से उनकी तस्वीर डाउनलोड की और जन्मदिन के मौके पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें बर्थडे विश किया.
विजय सिंह यादव के खिलाफ आईटी एक्ट समेत कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि विजय ने 28 जनवरी की रात को 1 बजकर 11 मिनट पर जेएमएफसी को ईमेल के जरिए मैसेज भेजा था. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक विजय के खिलाफ 8 फरवरी को रतलाम जिला कोर्ट के सिस्टम अफसर महेंद्र सिंह चौहान की तरफ से स्टेशन रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी. उनपर धोखाधड़ी और बदनाम करने की कोशिश समेत कई अन्य आरोप हैं. शिकायत में यह भी कहा गया है कि विजय ने ईमेल के अलावा स्पीड पोस्ट से ग्रीटिंग कार्ड भी भेजा था.
विजय सिंह शादीशुदा हैं और उनके चार बच्चे हैं. उनके भाई जय ने बताया कि विजय को पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर लिया था. विजय इस मामले में अपनी बहस खुद कर रहे हैं. 9 फरवरी को उनकी गिरफ्तारी हुई थी और 13 फरवरी को एक लोअर कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. जिसके बाद विजय की परिजनों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले की सुनवाई 3 मार्च को होनी है. वहीं विजय का कहना है कि उन्होंने ग्रीटिंग कार्ड बतौर समाजसेवी और जय कुल देवी सेवा समिति के प्रमुख के तौर पर भेजा था.