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देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं. इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फिर दोहराया कि केंद्र सरकार का व्यापक स्तर पर लॉकडाउन लगाने का कोई प्लान नहीं है यानी पिछले साल की तरह इस साल पूरा देश लॉक नहीं किया जाएगा.

वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार का व्यापक स्तर पर लॉकडाउन लगाने का कोई प्लान नहीं है, बल्कि महामारी को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के लिए खास कदम उठाए जाएंगे.

निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि उन्होंने भारत में कोविड-19 के प्रकोप को रोकने के संबंध में विभिन्न उद्योग संगठनों से सलाह ली है और केंद्र सरकार, राज्यों के साथ मिलकर लोगों की जान और आजीविका बचाने के लिए काम करती रहेगी. उन्होंने कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से देश की अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से बचने के लिए कारोबारियों से सुझाव भी मांगे.

कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसदी का संकुचन हुआ था. वित्त मंत्री ने सीआईआई प्रमुख उदय कोटक, फिक्की के अध्यक्ष उदय शंकर और एसोचैम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल सहित उद्योग संघों के प्रमुखों से बात की.

इसके अलावा उन्होंने टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन, एलएंडटी के अध्यक्ष ए एम नाइक, टीसीएस के प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन, मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव, टीवीएस समूह के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और हीरो मोटो कॉर्प के प्रबंध निदेशक पवन मुंजाल सहित कई कारोबारी प्रमुखों से कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर बात भी की.

गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने पिछले हफ्ते साफ किया था कि सरकार बड़े पैमाने पर लॉकडाउन नहीं लगाएगी और सिर्फ कोविड-19 की श्रृंखला को तोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर रोकथाम का सहारा लिया जाएगा.