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शिवाजी साटम का जन्म 21 अप्रैल, 1950 को महाराष्ट्र के माहिम में हुआ था. एक्टर ने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद उन्होंने बैंक एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा लिया. इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में उनकी जॉब एक कैशियर के तौर पर लग गई.

किसी-किसी एक्टर के लिए पूरा करियर बीत जाता है मगर वो रोल नहीं मिल पाता जिसी उसे तलाश रहती है. वहीं इंडस्ट्री में कुछ एक्टर ऐसे भी रहे हैं जिनके लिए सिर्फ एक रोल उनके करियर के बाकी सभी किरदारों पर भारी पड़ जाता है. मगर एक एक्टर ऐसा है जिसका सिर्फ एक डायलॉग ही उसकी असली पहचान है. वो डायलॉग है- ”कुछ तो गड़बड़ है दया, पता लगाना पड़ेगा.” टीवी से चिपके रहने वाले लोगों ने ना जाने कितनी बार इस डायलॉग को सुना होगा. मगर किसके मुंह से? CID के ACP प्रद्युमन के मुंह से. बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में खासकर की मराठी सिनेमा में शिवाजी साटम एक बड़ा नाम हैं. उनके जन्मदिन पर बता रहे हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से.

शिवाजी साटम का जन्म 21 अप्रैल, 1950 को महाराष्ट्र के माहिम में हुआ था. एक्टर ने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद उन्होंने बैंक एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा लिया. इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में उनकी जॉब एक कैशियर के तौर पर लग गई. शिवाजी को शुरू से ही थिएटर का बहुत शौक था. बैंक में जॉब करने के साथ ही उन्होंने इसकी ट्रेनिंग भी ली थी. एक बार वे एक इंटर बैंक स्टेट कम्पिटीशन में पार्टिसिपेट कर रहे थे. मराठी थिएटर के बड़े एक्टर बाल धुरी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें म्यूजिकल ड्रामा Sangeet Varad में काम करने का मौका मिला.

सूर्यवंशम में आए थे नजर

एक्टर ने मराठी सिनेमा की तो ढेर सारी फिल्मों में काम किया ही साथ ही उन्होंने वास्तव, गुलाम-ए-मुस्तफा, चाइना गेट, यशवंत, जिस देश में गंगा रहता है, हू तू तू और सूर्यवंशम जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे. वहीं टीवी इंडस्ट्री में सबसे लंबे समय तक चलने वाले शोज में से एक रहे सीआईडी के साथ भी ले जुड़े रहे और उसका लीडिंग फेस रहे. एक्टर अभी भी फिल्मों से जुड़े हैं और साल 2019 में Wedding Cha Shinema नामक फिल्म में नजर आए.