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पंचायत चुनाव की ड्यूटी में लगे सुल्तानपुर के 28 साल के सरकारी शिक्षक रमेश कुमार यादव की मौत हो गई है. खास बात है कि रमेश को तीन महीने पहले ही नौकरी मिली थी और उसे अभी तक सैलरी नहीं मिली है.

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कोरोना संक्रमण की बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है. चुनाव ड्यूटी में लगे मतदानकर्मियों की मौत की खबरें सामने आ रही है. अब सुल्तानपुर में 28 साल के सरकारी शिक्षक रमेश कुमार यादव की मौत हो गई है. खास बात है कि रमेश को तीन महीने पहले ही नौकरी मिली और उसे अभी तक सैलरी नहीं मिली है.

सुल्तानपुर के बल्दीराय के बिरधौरा गांव के रहने वाले रमेश कुमार यादव महज 28 साल के थे. वे आदमपुर नटौली प्राथमिक विधालय में सहायक अध्यापक पद पर तैनात थे. इनकी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई थी, चुनाव संपन्न कराने के बाद इनकी तबियत खराब हो गई और 28 अप्रैल की रात 12 बजे ये ज़िन्दगी की जंग हार गए.

रमेश कुमार यादव को पिछले साल दिसम्बर में नौकरी मिली थी और अभी तक इनको अपनी पहली तनख़्वाह भी नसीब नहीं हुयी थी. उनकी शादी तीन साल पहले फैज़ाबाद की रहने वाली निशा से हुई थी, हालांकि उन्हें अभी कोई बच्चा नहीं था. बताया जा रहा है कि रमेश ने 19 अप्रैल को चुनाव संपन्न कराया था, उसके बाद वह बीमार पड़ गए थे.

सरकारी शिक्षक रमेश कुमार यादव को सरकारी अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन उनकी तबीयत लगातार खराब होती गयी और 28 अप्रैल की रात 12 बजे रमेश ने दम तोड़ दिया. बीटेक और बीटीसी डिग्री धारक रमेश पढ़ने में हमेशा अव्वल थे, जिसके चलते इलाके में वो युवाओ के लिए मिसाल से थे.

रमेश के पिता राम यज्ञ यादव का कहना है कि बेटे की मौत का बहुत कष्ट है, मैं खुद कोरोना पॉजटिव था, जिसके चलते अपने बेटे के इलाज़ के लिए नहीं दौड़ पाया. उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी के बाद से ही उसकी हालत खराब थी, लाख प्रयास के बाद भी उनका बेटा ख़त्म हो गया

ऐसा नहीं की सिर्फ रमेश ही वो शिक्षक हैं, जिनकी चुनाव ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने के बाद मौत हुई है. सुल्तानपुर जिले के उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपदीय प्रवक्ता निज़ाम खान कहते हैं कि सुल्तानपुर में अभी तक 13 शिक्षक ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए थे, उनकी मौत हो गई.