यूपी में BJP का है जमाना तो सपा क्यों बन रही दलबदलुओं का सियासी ठिकाना?
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने सियासी-सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटे...
विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में लोकतांत्रिक स्थिति की आलोचना की गई है,...
फरवरी महीने में थोक मूल्य आधारित सूचकांक (WPI) बढ़कर 4.17 फीसदी पर...
बंगाल की चुनावी रेस में बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे से एक...

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के भाई हशमत गनी अहमजई ने कथित तौर पर तालिबान का दामन थाम लिया है. बताया जा रहा है कि उन्होंने तालिबान को समर्थन का फैसला अल्हाज खलील-उर रहमान हक्कानी के साथ हुई मीटिंग के बाद लिया है.
खबरों के मुताबिक ग्रैंड काउंसिल ऑफ कुचिस के प्रमुख हशमत गनी ने अपने समर्थन की घोषणा तालिबान के नेता खलील-उर रहमान और धार्मिक स्कॉलर मुफ्ती महमूद जाकिर की मौजूदगी में की है.