Free and fair elections in Viksit Bharat -Aditya Trivedi
I have given a headline that...
I have given a headline that...

स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी नाम की बीमारी से जूझ रहे 10 महीने के अयांश को 16 करोड़ के इंजेक्शन की दरकार है. अयांश के पिता आलोक कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो अपने बच्चे को बचाने के लिए लोगों से मदद मांग रहे हैं. साथ ही बोल रहे हैं कि 10 साल पहले जो मेरे भाई से गलती हुई उसकी सजा मुझे न दें. मेरे बारे में किसी तरह की कोई गलत अफवाह न फैलाएं.
प्लीज हाथ जोड़कर प्रार्थना है, भगवान का रूप है बच्चा. आपके घर में भी बच्चे होंगे. बच्चे से किसी तरह का कोई दुर्भावना न रखिए उसे बचा लीजिए. “मैं आलोक कुमार सिंह मेरे बच्चे का नाम अयांश है जो एक गंभीर बीमारी से ग्रसित है, जिसे बचाने के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत है. मैं और मेरी पत्नी दिन रात अपने बच्चे को बचाने के लिए लोगों से मदद मांग रहे हैं. कुछ लोग मेरे बारे अफवाह फैला रहे हैं मेरे भाई का रांची में एक इंस्टीट्यूट था जो 2012 में बंद हो गया था. जिसमें मैं भी पार्टनर था.
मेरी शादी इंस्टीट्यूट बंद होने के बाद 2014 में हुई. मेरी एक बेटी है जो स्वस्थ है. एक बेटा जो 2017 में पैदा हुआ वो इस प्रकार की बीमारी की वजह से हमें छह महीने में ही छोड़कर चला गया. फिर मेरा दूसरा बेटा सितंबर 2020 में हुआ. इसका नाम अयांश है जिसे आप देख रहे हैं. SMA Type 1 से ग्रसित है जिसे हम बचाने का प्रयास कर रहे हैं.
आठ साल पहले मैं अपने भाई से अलग हो गया. मेरे भाई ने 10 साल पहले कुछ गलत किया है या मुझसे कोई गलती हुई है. तो उसकी सजा 10 माह के अयांश को क्यों. अगर आप इस बच्चे को बचा नहीं सकते हैं तो दुष्प्रचार फैलाकर उसे मारने का प्रयास न करें. मैं बेबस पिता अपने बच्चे के जीवन की भी आप सबसे मांग रहा हूं. सरकार या आप लोगों की नजर में कहीं भी गलत हूं तो मेरी संपत्ति बेचकर तथा मुझे जेल में डालकर मेरे बच्चे को बचा लें.
अगर मेरे पास बहुत सारा पैसा होता तो बिहार के मुख्यमंत्री के जनता दरबार के सामने सड़क पर बैठकर अपने बच्चे के जीवन के लिए भीख नहीं मांगता. जो बाप अपने बच्चे के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री और राज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति तक गुहार लगा रहा हो उसकी स्थिति आप समझ सकते हैं.
जिन्हें भी मेरे खाते की जानकारी चाहिए उनसे कहना चाहता हूं एक बार मेरे घर आएं और सभी की जानकारी मैं दे दूंगा. मेरे घर आकर बैठिए और सब कुछ देख लीजिए जो पहले से ही सार्वजनिक है. सभी मीडिया दिखाती है मैं भी फेसबुक के माध्यम से डेली का अपडेट देता हूं. कृप्या आप लोगों से विनती है मेरे बेटा का चेहरा देखिए मेरी स्थिति देखिए एक बच्चे के लिए हम लोग भीख मांग रहे हैं.
कृपया आप लोगों से विनती है, मेरे बेटे का चेहरा देखिए. मेरी स्थिति देखिए. एक बच्चे के लिए हम लोग भीख मांग रहे हैं. तीन महीने से हम लोग रात दिन भीख मांग रहे हैं. मेरे दर्द को समझिए मुझसे किसी को शिकायत है तो वो आए मेरे पास आकर अपनी शिकायत मुझसे कहे.
जितनी मदद मुझसे होगी मैं करूंगा पर अभी इस बच्चे को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत है. प्लीज मेरे बच्चे को बचा लिए आप लोग कृपया अफवाह न फैलाइए. हाथ जोड़कर विनती है सभी भाई लोगों से कि बच्चे को बचा लीजिए आप लोग. 10 साल पुरानी बात की सच्चाई को आप लोग नहीं जानते हैं. बस इधर-उधर शेयर कर रहे हैं. एक बेटे को मैं पहले ही खो चुका हूं दूसरे बेटे को आप लोग बचा लीजिए.
अगर मेरे पास पैसा होता तो क्या मैं भीख मांगता. मुख्यमंत्री के पास जा रहे हैं. जिला अधिकारी के पास जा रहे हैं. प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को गुहार लगा रहे हैं. पैर पकड़ता हूं कि कोई बचा ले मेरे बेटे को. कृपया आप लोग अफवाह न फैलाइए. पहले मेरे बच्चे को बचा लीजिए फिर जो भी आप लोगों की शिकायत होगी वो मुझसे कहिएगा.