Madhya Pradesh : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में “द्वारका नगरी योजना” के नियमों एवं प्रकिया संबंधी प्रेजेंटेशन देखा।
सचिव देवाशीष निलोसे एवं महिला क्रिकेट संयोजक नरेन्द्र राठौर ने बताया कि...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जल संरक्षण...

झारखंड में सरकार में शामिल कांग्रेस और आरजेडी के बीच तकरार शुरू हो गई है. तकरार कांग्रेस नेता और मंत्री रामेश्वर उरांव के उस बयान से शुरू हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि आरजेडी का झारखंड में कोई जनाधार नहीं है.
झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव के एक बयान से सियासी बवाल बढ़ता जा रहा है. उरांव ने सोमवार (18 अक्टूबर) को एक कार्यक्रम में कहा था कि झारखंड में आरजेडी का कोई जनाधार नहीं है. जबकि, आरजेडी झारखंड सरकार में सहयोगी है. इस बयान के बाद आरजेडी ने भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें पार्टी की ‘औकात’ देखनी है तो इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़कर देख लें.
कांग्रेस-आरजेडी के बीच चल रही इस तकरार पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आपसी कलह से ध्यान हटाने के लिए सत्ताधारी पार्टी के नेता कहते हैं कि बीजेपी सरकार गिराने में जुटी है.
दरअसल, 18 अक्टूबर को मनिका में एक कार्यक्रम के दौरान झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने आरजेडी को सिर्फ बिहार की पार्टी बताते हुए कहा था कि उसका यहां कोई जनाधार नहीं है. उन्होंने ये बयान कांग्रेस सचिव तारिक अनवर की मौजूदगी में दिया था. बिहार में उपचुनाव हैं और वहां कांग्रेस और आरजेडी के बीच तकरार चल रही है और अब उसका असर झारखंड में भी दिखने लगा है.
रामेश्वर उरांव के इस बयान के बाद आरजेडी ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि 2024 में कांग्रेस को पता चलेगा. कांग्रेस का अगर झारखंड में अस्तित्व बचा है तो वो गठबंधन की वजह से. अगर कांग्रेस में हिम्मत है तो अकेले दम पर चुनाव लड़कर दिखाए.
हालांकि, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजश ठाकुर ने भी बात को संभालने की कवायद शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि रामेश्वर उरांव का मकसद आरजेडी को ठेस पहुंचाने का नहीं था. उन्होंने कहा कि इस तरह के टकराव का असर सरकार की सेहत पर भी पड़ता है.
उधर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सत्ताधारी दलों के बीच तकरार है. सरकार हर मोर्च पर विफल रही है. ऐसे में लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ये बार-बार कहते हैं कि सरकार गिराने की कोशिश हो रही है.