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Punjab Golden Temple Sacrilege Case: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में एक हफ्ते में दो बार बेअदबी की घटनाएं सामने आईं हैं. पहली घटना 15 दिसंबर को हुई थी और दूसरी 18 दिसंबर को. 15 दिसंबर की घटना में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई ‘बेअदबी’ की घटना के बाद से तनाव है. 18 दिसंबर को एक युवक ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी की कोशिश की, जिसके बाद कथित तौर पर उसकी लिंचिंग हुई और उसकी मौत हो गई. हालांकि, ये पहली घटना नहीं थी. एक हफ्ते में स्वर्ण मंदिर में हुई बेअदबी की ये दूसरी घटना थी.
इससे पहले 15 दिसंबर को भी स्वर्ण मंदिर में बेअदबी की घटना सामने आई थी. तब रनबीर सिंह नाम के शख्स पर पवित्र ग्रंथ गुटका साहिब को सरोवर में फेंकने का आरोप लगा था. लुधियाना के रहने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
इसके बाद शनिवार और रविवार को बेअदबी की घटनाएं हुईं. पहली घटना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ही हुई, जिसमें 24-25 साल के युवक की लिंचिंग हुई. उसके बाद रविवार को कपूरथला में भी ऐसा ही करने वाले एक युवक को भी भीड़ ने मार डाला. हालांकि, पुलिस का कहना है कि वो बेदअबी में शामिल नहीं था.
अमृतसर-कपूरथला में मारे गए युवकों की पहचान नहीं
अमृतसर और कपूरथला में हुई घटना में मारे गए लोगों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. अमृतसर की घटना में मारे गए युवक के शव को पुलिस को सौंप दिया गया है. पुलिस बायोमेट्रिक प्रिंट से उसका पता लगाने की कोशिश कर रही है. अगर उस युवक का आधार कार्ड बना होगा तो उससे उसकी पहचान हो सकती है. पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये दोनों युवक एक दूसरे को जानते थे और क्या ये किसी साजिश का हिस्सा थे.
इसी बीच पुलिस की जांच में ये भी सामने आया है कि आरोपी शनिवार को 4 घंटे से ज्यादा तक मंदिर परिसर में ही था. सूत्रों ने बताया कि आरोपी तीन बार मंदिर आ चुका था. शनिवार को युवक सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर दरबार साहिब की परिक्रमा लगाते देखा गया था और उसके बाद 11 बजे कॉम्प्लेक्स में जाता दिखा था. सीसीटीवी कैमरा में युवक लंगर हॉल में जाता भी दिखा है. इसके बाद शाम 5 बजकर 45 मिनट पर युवक दरबार साहिब में गया और फिर प्रतिबंधित जगह पर घुसा.
सियासत भी तेज…
वहीं, बेअदबी की घटनाओं पर अब सियासत भी तेज हो गई है. सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी पार्टी शिरोमणी अकाली दल ने इन कथित घटनाओं के पीछे साजिश होने की आशंका जताई है. जबकि, पुलिस को अब तक कुछ भी सुराग नहीं मिला है. रविवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतसर और कपूरथला का दौरा किया. उन्होंने घटनाओं की निंदा की. साथ ही ये भी कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश हो सकती है.
8 साल में 100 से ज्यादा मामले
पंजाब में बेअदबी की घटनाएं सामने आती रहीं हैं. पिछले 8 साल में 100 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं. इनमें से ज्यादातर मामले आज भी अनसुलझे हैं.