Mumbai’s Redevelopment Revolution, Why India is Next -Isheta Boruah, Aditya Trivedi
Mumbai is being Rebuilt. India is...
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महाराष्ट्र में शिवसेना की फूट के बाद अब कांग्रेस में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को पार्टी के उन सात विधायकों के खिलाफ ऐक्शन की मांग की है जिन्होंने पिछले साल हुए विधान परिषद के चुनाव में क्रॉस वोटिं की थी। इसके चलते पार्टी के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था।
20 जून को हुए राज्य के ऊपरी सदन के लिए द्विवार्षिक चुनाव में कांग्रेस के चंद्रकांत हंडोरे हार गए थे। कांग्रेस ने उन्हें पहले नंबर का उम्मीदवार बनाया था लेकिन कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह की वजह से जीत दूसरे नंबर के उम्मीदवार भाई जगताप की हुई। तत्कालीन महाविकास अघाड़ी की सरकार में तीनों पार्टियों में तालमेल की कमी की वजह से यह परिणाम सामने आया। बता दें कि हंडोरे दलित नेता के तौर पर जाने जाते हैं और मंत्री रह चुकेहैं।
कांग्रेस के सात विधायकों ने भाजपा के लिए वोट करदिया था जिसके बाद हंडोरे की हार हो गई। वहीं विधानसभा में एकनाथ शिंदे के बहुमत साबित करने के दिन भी कई विधायक उपस्थितन हीं थे। चव्हाण ने कहा कि उनका निजी विचार यही था कि उनसे भी जवाब मांगा जाना चाहिए। लेकिन हमने ट्रस्ट वोट में भाग न लेने वालों पर किसी प्रकार की कार्रवाई की मांग नहीं की है।
बता दें कि विधानसभा में ट्रस्ट वोट वाले दिन अशोक चव्हान समेत 10 कांग्रेस विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। इसी वजह से शिंदे आसानी से विश्वास प्रस्ताव जीत गए। कांग्रेस महाविकास अघाड़ी सरकार का हिस्सा थी लेकिन जब सरकार पर संकट गहराया तब भी कांग्रेस की तरफ से कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई। ऐसे में यह अंदाजा भी लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के अंदर की कलह की वजह से इस मामले में पार्टी खुलकर सामने नहीं आई।