Heat-Not-Burn (HNB) Devices MNCs Playing a Dangerous Game with Youth Psyche: Manav Rachna School Ex Principal Calls for Policy Overhaul
New Delhi, May 2026 — Raising serious concerns...
New Delhi, May 2026 — Raising serious concerns...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि...
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के बाद अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट में 11 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक उद्धव ठाकरे कैंप ने सर्वोच्च न्यायालय में एक और याचिका दाखिल की है। इसमें गवर्नर के निमंत्रण को चुनौती दी गई है।
उद्धव ठाकरे खेमे ने 30 जून को एकनाथ शिंदे को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की है। यह कदम शिंदे द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद आया है।
आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे गुट के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सभी मामलों पर 11 जुलवाी पर एकसाथ सुनवाई होनी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बागी विधायकों के गुट के नए पार्टी सचेतक (व्हिप) को मान्यता देने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई करने के लिए सोमवार को सहमत हो गया।
न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि नई याचिका की सुनवाई भी पहले से लंबित अन्य मामलों के साथ ही 11 जुलाई को समान पीठ की ओर से की जाएगी। उद्धव ठाकरे गुट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एम. सिंघवी ने कहा, ‘सचेतक को मान्यता देना अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। यह इस अदालत के समक्ष कार्यवाही की यथास्थिति को बदल रहा है। अध्यक्ष ने आधी रात को नए सचेतक की नियुक्ति की।’