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महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कैंप की परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं। खबर है कि हाल ही में बजट आवंटन में भारतीय जनता पार्टी के मुकाबले सीएम गुट को कम हिस्सा मिला। खास बात है कि महाविकास अघाड़ी सरकार में भी शिंदे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुकाबले शिवसेना को कम बजट आवंटित होने की बात कह रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को महाराष्ट्र में 25 हजार करोड़ रुपये के सप्लीमेंट्री बजट का आवंटन हुआ। इस दौरान भाजपा के खाते में 14 हजार 583 करोड़ रुपये आए। वहीं, शिंदे खेमे को 9 हजार 740 करोड़ रुपये मिले हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान भाजपा के नियंत्रण वाले विभागों को ज्यादा बजट दिया गया। खुद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ने गृहमंत्रालय के लिए 1 हजार 593 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
क्या कहते हैं शिंदे कैंप के आंकड़े
शिंदे के नियंत्रण वाले शहरी विकास विभाग को 1 हजार 886 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के खाते में 2 हजार 237 करोड़ रुपये आए। जबकि, स्थानीय निकाय विकास को 840 करोड़ रुपये मिले। खुद शिंदे के नियंत्रण वाले पीडब्ल्यूडी को 4 हजार 295 करोड़ रुपये मिले हैं और स्कूली शिक्षा विभाग के हिस्से में 12 करोड़ रुपये आए हैं।
आरोपों का दौर शुरू
बजट आवंटन के बाद सियासी बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे का कहना है कि धोखा देने वाले विधायकों को पक्ष बदलकर भी कुछ नहीं मिला। वहीं, विपक्ष के नेता अजित पवार का कहना है कि यह शिंदे पक्ष के दावों का ‘खुलासा’ करता है।