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भूकंप के एक के बाद एक तीन झटकों से हिली धरती, भारत से लेकर अफगानिस्तान तक सहमे लोग

महाराष्ट्र के बाद अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के आकड़ों के मुताबिक, तड़के 2:55 पर आए भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। वहीं, जमीन से इसकी गहराई 80 किमी अंदर तक थी।

भूकंप के झटके से आज तड़के भारत और अफगानिस्तान की धरती कांप उठी। सबसे पहले महाराष्ट्र के कोल्हापुर में तड़के 2:21 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.9 रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की गहराई जमीन के 10 किमी अंदर थी। अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

महाराष्ट्र के बाद अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के आकड़ों के मुताबिक, तड़के 2:55 पर आए भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। वहीं, जमीन से इसकी गहराई 80 किमी अंदर तक थी। भूकंप के इस झटके से सबसे ज्यादा राजधानी काबुल के आसपास के इलाके प्रभावित हुए।

जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
इसके बाद जम्मू-कश्मीर के कटरा इलाके में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.4 रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, तड़के 3:28 बजे लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। जमीन से इसकी गहराई 5 किमी अंदर बताई गई है। भूकंप के इन झटकों से अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।

क्यों आता है भूकंप?
धरती की प्लेटों के टकराने से। हमें पृथ्वी की संरचना को समझना होगा। पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेटें इसी लावे पर तैर रही हैं और इनके टकराने से ऊर्जा निकलती है जिसे भूकंप कहते हैं। दरअसल, ये प्लेंटे बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस तरह ये हर साल 4-5 मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कभी-कभी ये टकरा भी जाती हैं।