सादगी का संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पहुंचे उज्जैन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सादगी, मितव्ययिता और सुशासन के मंत्र को आत्मसात...
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने देश की ओर से पहुंचाई जा रही मदद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक अफगानिस्तान को 40,000 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं भेजा है। इस तरह हमने काबुल के पड़ोसी और पुराने साझेदार के रूप में अपनी स्थिति सुनिश्चित की है।
रुचिरा ने अफगान लोगों के साथ ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘हमने सुरक्षा परिषद में बार-बार कहा है कि शांति और स्थिरता की वापसी सुनिश्चित करने का भारत पक्षधर है। अफगान लोगों से हमारे मजबूत ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं।’
‘अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के कई शिपमेंट भेजे’
रुचिरा कंबोज ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से की गई अपील के जवाब में हमने कदम उठाए हैं। भारत ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के कई शिपमेंट भेजे हैं। उन्होंने कहा, ’10 बैचों में 32 टन चिकित्सा सहायता भेजी गई है, जिसमें आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, टीबी रोधी दवाएं और कोरोना टीकों की 50,0000 खुराक शामिल हैं। ये चिकित्सा खेप विश्व स्वास्थ्य संगठन और काबुल के इंदिरा गांधी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल को सौंपी गई है।’
‘काबुल में धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता’
यूएनएससी में भारतीय राजदूत रुचिरा कंबोज ने अफगानिस्तान में गुरुद्वारों पर हो रहे हमलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘काबुल में 18 जून को सिख गुरुद्वारे पर हमला हुआ। इसके बाद 27 जुलाई को उसी गुरुद्वारे के पास एक और बम विस्फोट हुआ। अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों पर हमलों की यह श्रृंखला बेहद खतरनाक है।’