Madhya Pradesh : इंदौर में 9 से 13 जून तक आयोजित होगा ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि...
भोपाल। मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव...

मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद में जिला कोर्ट ने शनिवार को बड़ा आदेश दिया। यहां भी वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की तरह मस्जिद का सर्वे होगा। सीनियर डिवीजन की कोर्ट ने हिंदू सेना की याचिका पर यह आदेश दिया। रिपोर्ट 20 जनवरी को कोर्ट में पेश की जाएगी। सर्वे 2 जनवरी से होगा।
हिंदू पक्ष का दावा है कि शाही ईदगाह में स्वास्तिक का चिह्न, मंदिर होने के प्रतीक के साथ मस्जिद के नीचे भगवान का गर्भ गृह है। पक्षकार मनीष यादव और वकील महेंद्र प्रताप ने कहा कि शाही ईदगाह में हिंदू स्थापत्य कला के सबूत मौजूद हैं। ये वैज्ञानिक सर्वे के बाद सामने आ जाएंगे। अर्जी मथुरा के जिला अदालत में एक साल पहले दाखिल की गई थी।
याचिका में कहा गया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर औरंगजेब ने मंदिर तोड़कर ईदगाह मस्जिद बनवाई थी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर बनने तक का पूरा इतिहास अदालत के समक्ष पेश किया। उन्होंने 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ बनाम शाही ईदगाह के बीच हुए समझौते को भी अवैध बताते इसे खत्म किए जाने की मांग की