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पाकिस्तान की सरकार ने बुधवार को लोगों पर टैक्स का भार थोपने वाला मिनी बजट पेश करने के बाद देर शाम पेट्रोल की कीमतों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर दी है। वहां पेट्रोल की कीमतें एक दिन में 22 रुपए तक बढ़ा दी गई हैं, जो आज यानी गुरुवार से ही लागू हो गई हैं। इससे पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 272 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
पाकिस्तान के फाइनेंस डिवीजन ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आई रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे वहां की करेंसी में आई गिरावट को बताया है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ये सब IMF को रिझाने के लिए कर रहा है। दरअसल लोन देने के लिए IMF ने पाकिस्तान के आगे जो शर्तें रखी थी उनमें से एक यह भी थी कि वो देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाएं।
पाकिस्तान में 33% हो जाएगी महंगाई दर
पाकिस्तान में केवल पेट्रोल ही नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाला केरोसीन, लाइट डीजल और हाई स्पील डीजल के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। जिसके कारण वहां महंगाई और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। मूडी एनालिटिक्स के सीनियर इकोनॉमिस्ट कैटरिना एल के मुताबिक इससे 2023 की पहली छमाही में पाकिस्तान में महंगाई दर बढ़कर 33% हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश की इकोनॉमी को वापस ट्रैक पर लाने के लिए IMF का लोन भी काफी नहीं रहेगा।

क्या है पाकिस्तान का मिनी बजट
पाकिस्तान की शाहबाज सरकार ने पिछले हफ्ते ऐलान किया था कि सरकार IMF बेलआउट पैकेज को अनलॉक करने के लिए चार महीनों में 170 बिलियन पाकिस्तानी रुपए जुटाने के लिए एक मिनी-बजट पेश करेगी। इसी के चलते पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में 15 फरवरी को एक बजट पेश किया। इसके तहत कई तरह के टैक्स में बढ़ोतरी की गई है। जिसका सारा भार महंगाई और भुखमरी की कगार पर पहुंच चुकी पाकिस्तान की जनता को उठाना होगा।
मिनी बजट में प्रस्तावित टैक्स
लोन अप्रूव किए बिना लौट गई थी IMF की टीम
आर्थिक तंगहाली से परेशान पाकिस्तान बेलआउट पैकेज को लेकर IMF के साथ कोई डील फाइनल नहीं कर पाया था। बेलआउट पैकेज को लेकर दोनों के बीच 10 दिनों से जारी बातचीत बेनतीजा रही थी। अब माना जा रहा है कि IMF को रिझाने के लिए पाकिस्तान धीरे-धीरे उसकी शर्तों को मान रहा है। इसका खामियाजा वहां की जनता को उठाना पड़ेगा।

IMF के पास महीनों से अटकी पड़ी पाकिस्तान की तीसरी किश्त
पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाने के लिए IMF की तीसरी किश्त महीनों से अधर में लटकी हुई है। दरअसल पाकिस्तान का कहना है कि लोन देने के लिए IMF ने बहुत कड़ी शर्तें रखी हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इन शर्तों को लेकर कहा था कि से हमारी सोच से भी ज्यादा सख्त और खतरनाक हैं, लेकिन क्या करें? हमारे पास कोई और चारा भी तो नहीं है।
IMF चाहता है कि पाकिस्तान सरकार इलेक्ट्रिसिटी और फ्यूल 60% महंगा करे। साथ ही टैक्स कलेक्शन दोगुना करने को कहा गया है। अगर सरकार यह शर्तें मान लेती है तो महंगाई अभी से करीब-करीब दोगुनी यानी 54 से 55% तक हो जाएगी।