Madhya Pradesh : अंतर संभागीय जे एस आनंद महिला सीनियर एक दिवसीय क्रिकेट स्पर्धा, आयुषी एवं कनिष्का के उम्दा प्रदर्शन से इन्दौर संभाग की शानदार जीत
सचिव देवाशीष निलोसे एवं महिला क्रिकेट संयोजक नरेन्द्र राठौर ने बताया कि...
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जल संरक्षण...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. बृजमोहन...

ओडिशा ट्रेन हादसे की CBI ने जांच शुरु कर दी है। CBI टीम ने सोमवार शाम को घटनास्थल का दौरा किया। उधर, हादसे में मरने वाले 278 लोगों में से 101 शवों की पहचान नहीं हो पाई है।
DRM भुवनेश्वर रिंकेश रॉय ने मंगलवार को बताया कि घायल 1100 लोगों में से 900 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। राज्य के विभिन्न अस्पतालों में करीब 200 लोगों का इलाज चल रहा है।
रेलवे ने दुर्घटना में प्रभावित लोगों के परिवारों की मदद के लिए ओडिशा सरकार के साथ मिलकर ऑनलाइन लिंक rcodisha.nic.in, www.bmc.gov.in जारी किए हैं।
इनमें मृतकों की तस्वीरें और तमाम अस्पतालों में भर्ती यात्रियों की लिस्ट दी गई है। BMC की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 1929 पर अब तक 200 से ज्यादा फोन आ चुके हैं। शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों को सौंपा जा रहा है।
रेलवे ने सिस्टम सुधार का आदेश दिया
आने वाले समय में बालासोर जैसे हादसे न हो, इसके लिए रेलवे ने सिस्टम सुधारने का आदेश दे दिया है। सिग्नलिंग से लेकर लॉकिंग सिस्टम की जांच की जाएगी। वहीं, स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम सेंटर में लगे सभी उपकरणों का रिव्यू किया जाएगा।

रेलवे ने सुधार के लिए 3 कदम उठाए

इस घटना से जुड़े अपडेट्स…
कवच का फंड एलॉट पर 3 साल से खर्च नहीं
हादसे के बाद इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ट्रेनों में सुरक्षा कवच क्यों नहीं लगाया गया। एक रिपोर्ट में कहा गया साउथ ईस्ट रेलवे (SER) के अंतर्गत आने वाले बालासोर के लिए स्वदेशी तकनीक के लिए आवंटित बजट में से बीते तीन सालों में एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया है।
रेलवे की पिंक बुक के मुताबिक सुरक्षा के लिए (1,563 RKM) पर कवच के लिए 468.9 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे, लेकिन मार्च 2022 तक एक भी रुपया भी खर्च नहीं हुआ।
इसी जोन के एक अन्य सेक्टर में रेलवे नेटवर्क पर एंटी ट्रेन कोलिजन सिस्टम (1,563 ईखश) के लिए 312 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। फिर भी मार्च 2022 तक कोई खर्च नहीं हुआ। न ही 2022-23 के लिए आगे बढ़ाया गया।
नीचे दिए यार्ड ले-आउट के जरिए दुर्घटना के समय तीनों ट्रेनों की स्थिति को समझा जा सकता है…

इस ले-आउट को देखने पर हादसे के वक्त तीनों ट्रेन की स्थिति साफ हो जाती है…