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उज्जैन : मुख्यमंत्री ने “श्री महाकाल महालोक” के द्वितीय फेज तथा नीलकंठ वन का लोकार्पण किया

उज्जैन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को उज्जैन के श्री महाकाल महालोक के द्वितीय फेज के अन्तर्गत विभिन्न निर्मित कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री सर्वप्रथम नीलकंठ वन के स्वागत द्वार पर पहुंचे। यहां मणिपुर के कलाकारों द्वारा शंख वादन कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। इसके पश्चात मालवा की लोक परम्परा के अनुसार माच गायन कर स्वाति सेन उखले और उनके समूह द्वारा मुख्यमंत्री की आरती कर उन्हें तिलक लगाया गया और उनका स्वागत किया गया। प्रमुख सवारी भक्त मण्डल के कलाकारों द्वारा शाही मराठा अंदाज में मुख्यमंत्री की अगवानी की गई। इसके पश्चात नाशिक से आये ढोल-ताशा दल द्वारा ढोल बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा के बीच मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान ने आमजन का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने भी थोड़ी देर झांझ-मजीरे बजाकर प्रस्तुति देते कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने श्री महाकाल महालोक के नीलकंठ परिसर में नीलकंठ वन, नीलकंठ मार्ग स्मार्ट रोड, उज्जैन का गौरवशाली इतिहास दर्शाते भित्ति चित्र, अवंतिका हाट तथा वाहन पार्किंग का लोकार्पण किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने नीलकंठ परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित सीसीटीवी निगरानी एवं एक्सेस नियंत्रण प्रणाली से सुसज्जित महाकाल कंट्रोल रूम का लोकार्पण किया। इस दौरान वेदपाठी बटुक द्वारा मंत्रोच्चार किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने इसके पश्चात नवनिर्मित पार्किंग का लोकार्पण किया और दीप प्रज्वलित किया।

इस दौरान देश के विभिन्न प्रान्तों से आये कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही थी। मुख्यमंत्री चौहान ने श्री महाकाल महालोक के परिसर में भ्रमण करते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और कई स्थानों पर स्वयं पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। नीलकंठ वन में निर्मित भगवान शिव की विशाल मूर्ति को भी श्री चौहान ने नमन किया।