मालदीव का राष्ट्रपति बनते ही भारत आना चाहते थे मोहम्मद मुइज्जू, तारीख पर नहीं बन पाई सहमति - Samacharline.com

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मालदीव का राष्ट्रपति बनते ही भारत आना चाहते थे मोहम्मद मुइज्जू, तारीख पर नहीं बन पाई सहमति

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पिछले साल नवंबर में मालदीव ने राष्ट्रपति मुइज्जू के दिल्ली यात्रा का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दोनों पक्षों में तारीखों को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई थी। सूत्रों के मुताबिक, मालदीव के राष्ट्रपति जनवरी के अंत या फरवरी में भारत का दौरा कर सकते हैं। गौरतलब है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पदभार संभालने के तुंरत बाद भारत का दौरा करना चाहते थे, लेकिन तारीखों पर सहमति के चलते ऐसा न हो सका। जिसके बाद पदभार संभालने के बाद उन्होंने अपनी पहली यात्रा के लिए तुर्किये को चुना।

भारत-मालदीव के बीच राजनयिक विवाद
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मुइज्जू ने जलवायु परिवर्तन पर कॉप-28 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था। बता दें वर्तमान में मुइज्जू भारत के पड़ोसी देश चीन  की यात्रा पर हैं। लक्षद्वीप दौरे के दौरान पीएम मोदी की तस्वीरों ने सोशल मीडिया में हलचल बढ़ा दी हैं। द्वीप राष्ट्र मालदीव को पीएम मोदी का लक्षद्वीप को प्रमोट करना रास नहीं आया। जिसके बाद से लक्षद्वीप बनाम मालदीव के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई हैं। इसी बीच, केंद्र सरकार ने सोमवार को भारत में मालदीव के उच्चायुक्त इब्राहिम शाहीब को बुलाया और भारतीय पीएम पर की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई।

यह पूर्व निर्धारित बैठक थी- मुनु मुहावर
वहीं मालदीव सरकार ने भारतीय उच्चायुक्त मुनु मुहावर को बताया कि पीएम मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों का उनकी सरकार से कोई संबंध नहीं हैं। मालदीव की मीडिया ने कहा कि भारतीय उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया था। लेकिन भारतीय हाईकमीशन ने कहा कि यह पूर्व निर्धारित बैठक थी। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि उच्चायुक्त मुनु महावर ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आज मालदीव के एमओएफए में राजदूत डॉ. अली नसीर मोहम्मद के साथ पूर्व-निर्धारित बैठक की। गौरतलब है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी पिछले साल इंडिया आउट चुनाव अभियान के कारण सत्ता में आई थी। पीएम मोदी पर मालदीव के मंत्रियों द्वारा की गई टिप्पणियों के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

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