पहली बारिश में ही ‘जलमग्न’ हुआ महाकाल क्षेत्र का मार्ग, व्यवस्थाओं की खुली पोल, हरसिद्धि से चारधाम मंदिर मार्ग पर जलभराव, श्रद्धालुओं और राहगीरों को उठानी पड़ी परेशानी – दीपक कोडापे
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वादशी पर शुक्रवार को बाबा महाकाल अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए रात 3 बजे जागे। भस्म आरती के पहले वीरभद्र और मानभद्र से आज्ञा लेकर और घंटी बजाकर सबसे पहले चांदी द्वार खोला गया। गर्भग्रह में भगवान का जलाभिषेक और पूजन दर्शन कर श्रृंगार किया गया, उसके बाद भस्म आरती की गई।
पांच व्हीलचेयर दान की
श्री महाकालेश्वर मंदिर मे बेंगलुरु से पधारे अरुण धती द्वारा पं. पियूष चतुर्वेदी, पं.विपुल चतुर्वेदी की प्रेरणा से 5 नग व्हीलचेयर मंदिर समिति सदस्य पं.राजेंद्र गुरुजी की उपस्तिथि में दान की गई। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के समिति सदस्य राजेन्द्र शर्मा गुरुजी द्वारा रसीद प्रदान कर दानदाता का सम्मान किया गया।