Madhya Pradesh : इंदौर में 9 से 13 जून तक आयोजित होगा ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...
केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि...
भोपाल। मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री हर वर्ष परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम सोमवार 10 फरवरी को प्रात: 11 बजे से नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का संचार माध्यमों पर सीधा प्रसारण किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया एवं ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई से भी कार्यक्रम का प्रसारण होगा। कार्यकम का प्रसारण अन्य निजी चैनल भी करेगें। कार्यक्रम को ऑनलाइन देखे जाने के लिये यूट्यूब लिंक https://www.youtube.com/watch?v=G5UhdwmEEls भी जारी की गई है। कार्यक्रम में विद्यार्थी एवं शिक्षक तथा अभिभावक उक्त लिंक के माध्यम से सहभागिता कर सकेंगे।
स्कूल शिक्षा मंत्री कार्यक्रम में होंगे शामिल
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और स्कूल शिक्षा विभाग में अन्य वरिष्ट अधिकारी राजधानी भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय से विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। स्कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर लैपटॉप / मोबाइल इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में जहां टीवी देखने की व्यवस्था संभव नहीं होगी वहां रेडियो/ट्रांजिस्टर की व्यवस्था किये जाने के लिये निर्देश दिये गये है। समस्त जि़ला कलेक्टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकों की सामूहिक रूप से सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है।